लालपुर शराब दुकान घोटाला : मिलावटी शराब, फर्जी स्टाफ और विभागीय मिलीभगत का खुलासा…

Parivesh
लालपुर शराब दुकान घोटाला

रायपुर। लालपुर शराब दुकान घोटाला : राजधानी रायपुर की लालपुर स्थित सरकारी शराब दुकान में चल रहे बड़े शराब घोटाले का पर्दाफाश हो गया है। आबकारी और राज्यस्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त कार्रवाई में फर्जीवाड़े, मिलावटी शराब और बिना होलोग्राम वाली बोतलों की बिक्री का खुलासा हुआ है। मामले में प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारी शेखर बंजारे को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर अपने भाई के दस्तावेजों के जरिए नौकरी पर तैनात था।

लालपुर शराब दुकान घोटाला : जानकारी के मुताबिक, दुकान में पिछले कई महीनों से सुनियोजित गड़बड़ी की जा रही थी। बिना होलोग्राम वाली शराब बेची जा रही थी, और कई मामलों में महंगी बोतलों में सस्ती शराब भरकर ग्राहकों को ठगा जा रहा था। सीसीटीवी कैमरे जानबूझकर बंद किए जाते थे ताकि किसी भी गड़बड़ी का सबूत न मिले।

पकड़े गए आरोपी शेखर बंजारे ने पूछताछ में बताया कि यह फर्जीवाड़ा दुकान के सुपरवाइजरों और संबंधित अधिकारियों की जानकारी में था। यहां तक कि विभागीय ‘साहब’ तक मोटी रकम पहुंचाई जाती थी। मामले में फरार आरोपी सागर सोनवानी की तलाश भी जारी है।

12 लाख की शॉर्टेज और डीवीआर गायब
22 दिन पहले हुई जांच में काउंटर से 12 लाख रुपये की शॉर्टेज भी मिली थी। इसके बाद फर्जी बिक्री और मिलावट की पुष्टि हुई, लेकिन अब तक दुकान के CCTV फुटेज की DVR राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को नहीं सौंपी गई है, जिससे विभाग की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्लेसमेंट एजेंसी भी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार इस गड़बड़ी के तार मध्य प्रदेश तक जुड़े हैं। प्लेसमेंट एजेंसी के बड़े अधिकारी भी संदेह के घेरे में हैं। पहले भी दुकान से जुड़े 3-4 कर्मचारी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। माना जा रहा है कि इतनी बड़ी साजिश बिना विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है।

इस घोटाले की गूंज के बाद सहायक आबकारी आयुक्त को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि असली मास्टरमाइंड कौन है और कब तक इस रैकेट का पूरा खुलासा होगा।

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