नरसिंहपुर। Narsinghpur Food Poisoning Case: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। जिले के एक सरकारी स्कूल में मध्यान्ह भोजन (मिड डे मील) खाने के बाद अचानक कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिससे पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। यह पूरा मामला नरसिंहपुर के समनापुर प्राथमिक शाला का है, जहां मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले लगभग 38 बच्चों ने स्कूल में बनने वाला भोजन किया था। भोजन करने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे 10 से अधिक बच्चों की स्थिति गंभीर हो गई और वे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए।
बच्चों की अचानक बिगड़ती हालत को देखते हुए स्कूल प्रबंधन और परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में सभी 38 बच्चों को त्वरित उपचार के लिए जिला अस्पताल नरसिंहपुर लाया गया, जहां उन्हें तुरंत वार्ड में भर्ती कराया गया। वर्तमान में सभी बच्चों का इलाज डॉक्टरों की विशेष देखरेख और निगरानी में जारी है। घटना की गंभीरता और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी हरकत में आ गए। नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना बिना देर किए तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे।

अस्पताल पहुंचकर कलेक्टर और एसपी ने पीड़ित बच्चों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उनके स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को कड़े निर्देश दिए कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और सभी को बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। कलेक्टर ने समनापुर के इस सरकारी स्कूल में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले ‘एकता स्वसहायता समूह’ को तत्काल प्रभाव से हटाने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि इस प्रकार की लापरवाही के लिए जिम्मेदार अन्य लोगों के खिलाफ भी नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।