उज्जैन। Ujjain Hotel Chamber Tragedy: मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन से एक बड़े और संवेदनशील हादसे के मामले में पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसा है। उज्जैन के देवास रोड स्थित श्रीगंगा होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान हुई चार मजदूरों की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस ने होटल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरतने का प्रकरण दर्ज कर लिया है। घटना के दो दिन बीत जाने के बाद इस मामले में घायल व्यक्ति हेमराज के आधिकारिक बयानों और प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर माधव नगर थाना पुलिस ने “एसएमबी होटल एंड रिसोर्ट” के प्रबंधन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई का कार्य चल रहा था, इसी दौरान एक के बाद एक चार लोग उस गहरे चैंबर में फंस गए और जहरीली गैस व दम घुटने के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस भीषण हादसे के दौरान उन्हें बचाने के उद्देश्य से अंदर उतरे दो अन्य लोगों की भी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई थी। माधव नगर सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान मनोज मीणा निवासी बुड मंडावर (जिला झालावाड़, राजस्थान), कमलेश तंबोली और नितिन बिलरवान (दोनों निवासी वाल्मीकि नगर, उज्जैन) तथा वहीद खां (निवासी सुसनेर, आगर-मालवा, हाल मुकाम जुना सोमवारिया) के रूप में हुई थी।

यह सभी लोग देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल का वेस्टेज चैंबर साफ करने के लिए उतरे थे। इस दौरान काम करते वक्त अचानक एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और बचाव के प्रयास में एक-एक करके चारों लोग चैंबर के भीतर फंस गए, जहां ऑक्सीजन की कमी और दम घुटने से उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश देखने को मिला था और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था।
पुलिस ने इस पूरे मामले में घायल हेमराज और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने के साथ-साथ चिकित्सा विशेषज्ञों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया, जिसके आधार पर होटल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही से हुई मौत का मामला तय किया गया। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल सीधे तौर पर होटल संचालक को नामजद नहीं किया है, बल्कि संपूर्ण प्रबंधन को आरोपी बनाया गया है।
इस हृदयविदारक हादसे के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा, परिजनों और स्थानीय लोगों के कड़े विरोध के बाद होटल संचालक की ओर से भी प्रत्येक मृतक परिवार को 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की बड़ी घोषणा की गई थी। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है।