रामकुमार भारद्वाज/केशकाल। Keshkal Run For Unity: देश के लौह पुरुष एवं प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती तथा राष्ट्रीय एकता दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के केशकाल में एक भव्य ‘रन फॉर यूनिटी’ (राष्ट्रीय एकता दौड़) रैली का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय विधायक नीलकंठ टेकाम के नेतृत्व में निकाली गई इस विशाल रैली में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, स्कूली विद्यार्थियों और क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया और देश की एकता व अखंडता का जोरदार संदेश दिया।
इस तिरंगा रैली का भव्य शुभारंभ विश्रामपुरी चौक से किया गया। यहाँ से रैली मुंगबाड़ी होते हुए थाने के पिछले हिस्से से गुजरी और अंत में केशकाल बस स्टैंड पहुंचकर एक सभा के रूप में समाप्त हुई। रैली के दौरान विभिन्न विद्यालयों से पहुँचे हजारों विद्यार्थियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा थाम रखा था और पूरे मार्ग में गूंजते देशभक्ति के नारों से पूरा शहर राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। बच्चों की इस भारी सहभागिता ने इस आयोजन को और अधिक विशेष एवं आकर्षक बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक नीलकंठ टेकाम के साथ एसडीएम सुश्री आकांक्षा नायक, थाना प्रभारी विकास बघेल, नगर पंचायत अध्यक्ष बिहारीलाल सोरी, वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण दत्त उपाध्याय, पार्षद भूपेश चंद्राकर, भाजपा नेता दुर्गेश कौशिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।
रैली के बस स्टैंड पहुँचने पर यह एक आमसभा में तब्दील हो गई, जहाँ विधायक नीलकंठ टेकाम ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों का उत्साहवर्धन किया और उनका अभिनंदन किया। अपने संबोधन में उन्होंने देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन संघर्ष, उनकी दूरदर्शिता और देश की एकता और अखंड भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल नेतृत्व क्षमता से रियासतों का एकीकरण कर जो मजबूत राष्ट्र की नींव रखी, उनके वे आदर्श आज भी हर देशवासी के लिए प्रेरणा के बड़े स्रोत हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और शहर के जागरूक नागरिकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को अछुण्ण बनाए रखने तथा देश की एकजुटता के लिए सदैव समर्पित रहने का सामूहिक संकल्प लिया।


