रातभर सोता रहा परिवार, सुबह पता चला हादसा
रिपोर्ट के अनुसार, हादसा मुंबई स्थित उनके घर में हुआ। उस समय उनकी पत्नी, दोनों बच्चे और घर में काम करने वाली महिला सो रहे थे। रात में किसी को घटना का पता नहीं चला। शनिवार सुबह जब परिवार को इसकी जानकारी मिली, तब तक संजय गुप्ता की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर वर्सोवा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार ने किसी साजिश की आशंका से इनकार किया है। पुलिस ने अचानक हुई मौत का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी है।
‘आतिश’ से शुरू हुआ था निर्देशन का सफर
संजय गुप्ता ने साल 1994 में फिल्म ‘आतिश: फील द फायर’ से बतौर निर्देशक अपना करियर शुरू किया था। इस फिल्म में संजय दत्त, आदित्य पंचोली, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर और अतुल अग्निहोत्री जैसे कलाकार नजर आए थे। पहली ही फिल्म से उन्होंने एक्शन और क्राइम की कहानियों के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखा दी थी।
इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘हमेशा’, ‘जंग’ और ‘खौफ’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया, बदले की कहानी और एक्शन का खास अंदाज देखने को मिलता था।
‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ से मिली पहचान
साल 2002 में रिलीज हुई ‘कांटे’ संजय गुप्ता के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म की कहानी, स्टाइल और कलाकारों की मौजूदगी ने इसे अलग पहचान दिलाई। इसके बाद ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी फिल्मों ने भी उनके एक्शन और क्राइम-थ्रिलर वाले अंदाज को दर्शकों के बीच मजबूत किया।
संजय गुप्ता ने ‘जज्बा’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया। अपने अलग फिल्मी अंदाज के कारण उन्होंने हिंदी सिनेमा में खास जगह बनाई। उनके निधन की खबर के बाद अब उनके फिल्मी सफर और यादगार फिल्मों को फिर से याद किया जा रहा है।