इंदौर। Nishaanebaz.com-Indore Food Department Raid: रोशनी के महापर्व दीपावली से ठीक पहले त्योहारी सीजन में आम जनता को शुद्ध और मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए इंदौर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमों ने शहर में ताबड़तोड़ औचक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सोमवार को विभाग ने मुसाखेड़ी, प्रिंस नगर और धार रोड क्षेत्र में स्थित प्रमुख मिठाई, मावा और डेयरी प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 9 खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया और जांच के लिए 18 अलग-अलग खाद्य नमूने (सैंपल) एकत्रित किए हैं।
खाद्य विभाग की इस व्यापक कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने मावा, मिल्क केक, पनीर, शुद्ध घी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के सैंपल जुटाए, जिन्हें प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा गया है। निरीक्षण के दौरान बरती जा रही अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए यदुराज डेयरी में रखे गए खराब क्रीम के 2 टीन मौके पर ही नष्ट करवा दिए गए। इसके अलावा, छोटा बांगड़दा स्थित फलोदी फूड्स प्रतिष्ठान की जांच के दौरान वैध खाद्य पंजीयन (Food Registration) नहीं पाया गया, जिस पर संचालक को तत्काल प्रभाव से वैध पंजीयन प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
इंदौर में दिवाली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, 9 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और 18 सैंपल जांच के लिए लिए गए; खराब क्रीम के 2 टीन नष्ट।
#Indore #IndoreNews #FoodSafety #Diwali #इंदौर #खाद्यविभाग #मिलावटखोरी #FoodInspection #MPNews #NishaanebazNews https://t.co/TtLdlxkW2u
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) October 27, 2026
प्रशासन की इस सक्रियता से मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि लैब से मिलने वाली जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन के दौरान मिलावट के जरिए जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा।
जिला प्रशासन की इस पहल की शहरवासियों ने सराहना की है, क्योंकि त्योहारी दिनों में मिलावटी मावा और मिठाइयों की खपत बढ़ने की आशंका हमेशा बनी रहती है। खाद्य विभाग की इन सख्त चेतावनियों और छापों से बाजार में गुणवत्ता बनाए रखने का दबाव व्यापारियों पर साफ देखा जा सकता है।