भानुप्रतापपुर/कांकेर। Nishaanebaz.com-Kanker Student Suicide: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल थाना क्षेत्र से एक दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत एक आदिवासी छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा का शव छात्रावास स्थित उसके कमरे के सीलिंग फैन से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ बरामद किया गया। मृत छात्रा जिले के तुमरीसुर गांव की निवासी थी और पिछले 6 वर्षों से इसी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
बीमार होने के बाद घर से लौटी थी छात्रा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्गूकोंदल स्थित इस आवासीय विद्यालय में 12वीं विज्ञान संकाय की छात्रा की तबीयत 23 अक्टूबर को खराब हो गई थी, जिसके बाद उसके पिता उसे इलाज व देखभाल के लिए गांव तुमरीसुर ले गए थे।
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हॉस्टल वापसी: इसके बाद सोमवार, 26 अक्टूबर की सुबह छात्रा के मामा उसे वापस छात्रावास छोड़ने आए थे।
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घटना का क्रम: शुरुआती जांच में सामने आया है कि सोमवार दोपहर के सत्र में छात्रा कक्षा में नहीं गई और अपने कमरे में ही रुकी रही।
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शव बरामदगी: शाम करीब 5 बजे जब अन्य छात्राएं पढ़ाई के बाद कमरे में लौटीं, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। छात्रावास अधीक्षक को सूचना देने के बाद दरवाजा खोला गया, जहां छात्रा का शव सीलिंग फैन से फंदे पर लटका हुआ मिला।
एसडीएम अनिकेत फडतरे और पुलिस अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भानुप्रतापपुर के एसडीएम अनिकेत फडतरे पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पहुंचे और बारीकी से जायजा लिया।
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साक्ष्य जुटाए गए: फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने कमरे से भौतिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट्स एकत्र किए हैं।
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शव परिजनों को सौंपा गया: आवश्यक पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भानुप्रतापपुर भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।
मौत के कारणों का खुलासा होना बाकी
शिक्षकों और हॉस्टल की छात्राओं के अनुसार, मृतका पढ़ाई में काफी होनहार थी और लंबे समय से हॉस्टल के माहौल में रहकर अध्ययन कर रही थी। अचानक उठाए गए इस कदम से परिजन और सहपाठी गहरे सदमे में हैं।
मामले की तफ्तीश कर रही दुर्गूकोंदल थाना पुलिस का कहना है कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों व सहपाठियों के बयान दर्ज होने के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।