Raigarh Crime: गौरी शंकर गुप्ता /रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे अभियान संवेदना के तहत लैलूंगा पुलिस ने नाबालिग बालिका के शारीरिक शोषण के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक संजय यादव (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर 24 घंटे के भीतर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप
मामले में पीड़िता की माता ने थाना लैलूंगा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी लगभग 17 वर्षीय बेटी फरवरी 2025 में गांव के जंगल में बैल चराने गई थी। दोपहर करीब 12 बजे घर लौटने पर वह रोने लगी। पूछने पर उसने बताया कि पास के गांव के संजय यादव ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता को शादी कर पत्नी बनाकर रखने का वादा किया। आरोप है कि पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद आरोपी उसे अपने साथ ले गया और करीब छह माह तक अपने साथ रखकर लगातार शारीरिक शोषण करता रहा। परिजनों द्वारा आरोपी को समझाइश दिए जाने के बावजूद वह नहीं माना।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
पीड़िता की माता की रिपोर्ट पर थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 329/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता की आयु के सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र जब्त किया तथा उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया। इसके बाद आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है। आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद उसके विरुद्ध प्रथम दृष्टया अपराध के साक्ष्य पाए जाने पर गिरफ्तारी के कारणों से अवगत कराते हुए विधिवत गिरफ्तार किया गया। तत्पश्चात आरोपी को फास्ट ट्रैक न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
Raigarh Crime: इनकी रही अहम भूमिका
Raigarh Crime: एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक शुभम मिश्रा, प्रधान आरक्षक जयशरण चंद्रा एवं आरक्षक सुमित एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।