Health: नमक खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर के लिए भी जरूरी है, लेकिन इसकी सही मात्रा का ध्यान रखना उतना ही महत्वपूर्ण है। आजकल सेंधा नमक, हिमालयन पिंक सॉल्ट और समुद्री नमक को सामान्य नमक से बेहतर बताने वाले कई दावे सुनने को मिलते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि रोजाना खाना बनाने के लिए कौन सा नमक चुनना चाहिए।
सेंधा और समुद्री नमक में क्या है खास?
सेंधा नमक व्रत-उपवास में खूब इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसमें सामान्य आयोडीनयुक्त नमक की तुलना में आयोडीन आमतौर पर नहीं मिलाया जाता। इसमें सोडियम भी पर्याप्त मात्रा में होता है, इसलिए इसे खाने से ब्लड प्रेशर पर पड़ने वाला असर अपने आप कम नहीं हो जाता।
समुद्री नमक समुद्री पानी को सुखाकर बनाया जाता है। इसे प्राकृतिक विकल्प माना जाता है, लेकिन सोडियम की मात्रा के लिहाज से यह सामान्य नमक से बहुत अलग नहीं होता। इसमें मौजूद सूक्ष्म खनिजों की मात्रा भी इतनी कम हो सकती है कि उनसे कोई खास पोषण लाभ नहीं।
पिंक सॉल्ट और काला नमक कितना फायदेमंद?
हिमालयन पिंक सॉल्ट अपने रंग और खनिजों को लेकर लोकप्रिय है। इसमें कुछ सूक्ष्म खनिज हो सकते हैं, लेकिन इनकी मात्रा आमतौर पर इतनी कम होती है कि यह सामान्य नमक का अधिक पौष्टिक विकल्प नहीं बन जाता। इसे महंगा खरीदने का मतलब यह नहीं कि शरीर को ज्यादा फायदा मिलेगा।
काले नमक का स्वाद और खुशबू अलग होती है, इसलिए इसे छाछ, रायते और सलाद में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, इसे गैस या एसिडिटी का पक्का इलाज मानना सही नहीं है। इसका सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए।
लो-सोडियम नमक किसके लिए उपयोगी है?
लो-सोडियम नमक में सामान्य नमक के कुछ हिस्से की जगह पोटैशियम क्लोराइड मिलाया जाता है। इससे सोडियम का सेवन घटाने में मदद मिल सकती है। लेकिन किडनी की बीमारी, खून में पोटैशियम बढ़ने की समस्या या कुछ दवाइयां लेने वाले लोगों के लिए यह नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे लोग डॉक्टर की सलाह के बिना इसे इस्तेमाल न करें।
रोज के खाने के लिए क्या चुनना चाहिए?
आमतौर पर रोजाना इस्तेमाल के लिए आयोडीनयुक्त सामान्य नमक एक व्यावहारिक विकल्प है। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने और बच्चों के सामान्य विकास के लिए जरूरी है। पैकेट पर आयोडीनयुक्त होने की जानकारी जरूर जांचें। साथ ही, सेंधा, काला, समुद्री या पिंक सॉल्ट इस्तेमाल करने पर भी कुल नमक की मात्रा सीमित रखें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों के लिए प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक खाने की सलाह देता है। इसमें भोजन में पकाते समय और ऊपर से डाला गया नमक, दोनों शामिल हैं। हाई बीपी या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में डॉक्टर की सलाह के अनुसार नमक की मात्रा तय करें।