नर्मदापुरम। Nishaanebaz.com-Narmadapuram Forest Guard Recruitment: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनशीलता और प्रेरणादायी रवैये की एक बेहद अनोखी और सकारात्मक खबर सामने आई है। सामान्य वनमंडल और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) में वनरक्षक के कुल 56 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया के तहत आयोजित शारीरिक परीक्षा के दौरान एक अद्भुत नजारा देखने को मिला। भर्ती परीक्षा में पहुंचे अभ्यर्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नर्मदापुरम के डीएफओ (DFO) गौरव शर्मा केवल दिशानिर्देश देने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि खुद मैदान पर उतरकर अभ्यर्थियों के साथ 25 किलोमीटर की कठिन पैदल दौड़ में शामिल हुए।
शनिवार की सुबह ठीक 6 बजे डीएफओ गौरव शर्मा और उनके साथ मौजूद प्रशिक्षु IFS अधिकारियों ने डिवीजन कार्यालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर 85 युवक-युवतियों को शारीरिक माप दंड और पैदल दौड़ के लिए रवाना किया। इस कठिन टेस्ट में 64 पुरुष, 21 महिला अभ्यर्थी और 14 भूतपूर्व सैनिक (एक्स-आर्मीमैन) शामिल हुए। शारीरिक परीक्षा के दौरान सबसे खास और ध्यान खींचने वाली बात यह रही कि डीएफओ गौरव शर्मा पूरे रास्ते खुद अभ्यर्थियों के साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़े, ताकि युवाओं का हौसला बना रहे और वे बिना मानसिक तनाव या थकान के अपनी मंजिल तक सफलता पूर्वक पहुंच सकें।
प्रशासन द्वारा वनरक्षक पद के लिए इस शारीरिक परीक्षा के काफी कड़े और स्पष्ट नियम तय किए गए थे। पुरुष अभ्यर्थियों को 25 किलोमीटर की लंबी दूरी अधिकतम 4 घंटे की समयावधि में तय करनी थी। पुरुषों का यह दौड़ मार्ग डीएफओ कार्यालय से शुरू होकर तवा पुल तक और पुनः वापस डीएफओ कार्यालय तक निर्धारित किया गया था। वहीं, महिला अभ्यर्थियों के लिए 14 किलोमीटर की दूरी 4 घंटे में तय करने का लक्ष्य रखा गया था, जिनका रूट डीएफओ कार्यालय से जासलपुर और पुनः कार्यालय तक तय था। जंगलों की सुरक्षा में अपनी सेवाएं देने का सपना लेकर पहुंचीं महिला अभ्यर्थियों ने भी इस शारीरिक परीक्षा में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
लंबी दूरी के इस सफर में अभ्यर्थियों की सेहत और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। पूरी दौड़ के दौरान वन विभाग के वाहनों के साथ अधिकारियों की विशेष टीम आगे-पीछे मुस्तैद रही। किसी भी आपात स्थिति, डिहाइड्रेशन या तबीयत बिगड़ने पर तत्काल प्राथमिक इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मेडिकल किट से लैस एम्बुलेंस को काफिले के साथ रखा गया था। साथ ही दौड़ के रास्ते में सहायता और पेयजल आदि के लिए चार विशेष सहायता केंद्र (पॉइंट्स) भी बनाए गए थे।
इससे पहले शुक्रवार को डीएफओ कार्यालय में 56 पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 109 अभ्यर्थियों में से 89 अभ्यर्थियों ने अपने दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक नापजोख और बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की थी। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के इस आत्मीय, संवेदनशील और जमीनी रवैये की पूरे जिले में चौतरफा सराहना की जा रही है और अभ्यर्थियों ने भी डीएफओ के इस कदम को अपने लिए बेहद प्रेरणादायक बताया है।