खंडवा/ओंकारेश्वर। Nishaanebaz.com-Omkareshwar Encroachment Dispute: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थनगर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में पिछले दो दिनों से चल रहा उग्र नगर बंद आंदोलन और तनाव फिलहाल समाप्त हो गया है। प्रशासन और स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों तथा संतों के बीच हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आम सहमति बनने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया। खंडवा कलेक्टर ऋषव कुमार गुप्ता ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए क्षेत्रीय सांसद, विधायक और स्थानीय लोगों के साथ एक लंबी बैठक की, जिसमें जनता की मांगों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आखिरकार बातचीत का सकारात्मक परिणाम निकला।
बैठक के बाद जानकारी देते हुए संत महंत मंगलदास त्यागी महाराज ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ इस बार की बातचीत पूरी तरह सकारात्मक और पारदर्शी रही है। अब तक प्रशासन की ओर से जो भी बातें होती थीं, वे केवल मौखिक रूप से होती थीं, लेकिन इस बार सभी निर्णय और शर्तें लिखित रूप में तय की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सबसे पहले पूरे नगर का निष्पक्ष सर्वे कराया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कोई विधिवत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि आगामी एक महीने तक ओंकारेश्वर नगर में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
प्रशासन के इस आश्वासन और लिखित समझौते के बाद ओंकारेश्वर बंद आंदोलन को फिलहाल पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि आने वाले सिंहस्थ 2028 की प्रस्तावित कार्य योजना और सौंदर्यीकरण के तहत ओंकारेश्वर में लगातार अतिक्रमण तोड़े जा रहे थे, जिसका स्थानीय व्यापारी और नागरिक कड़ा विरोध कर रहे थे। विरोध स्वरूप पिछले दो दिनों से पूरा नगर पूरी तरह बंद चल रहा था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया था। अब आम सहमति बनने से तीर्थनगरी के लोगों ने राहत की सांस ली है।
इस प्रशासनिक समझौते से यह तय हो गया है कि सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों में अब स्थानीय जनता को विश्वास में लेकर ही कदम उठाए जाएंगे। सर्वे प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वैध और अवैध निर्माणों का वास्तविक दायरा क्या है। फिलहाल दो दिनों से जारी गतिरोध के थमने से प्रशासन और स्थानीय निवासियों दोनों ने राहत महसूस की है, और बाजार व व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे सामान्य होने लगी हैं।