Bhopal DRI Drugs Seized: भोपाल: सलवार-सूट के पैकेट, दो ट्रॉली बैग और उनके अंदर छिपाकर रखे गए नशे के 11 पैकेट। बाहर से सामान्य दिख रहे इस सामान के पीछे करोड़ों रुपये की ड्रग्स की खेप छिपी थी। भोपाल में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की कार्रवाई में इसका खुलासा हुआ है। टीम ने दिल्ली से आए एक युवक के पास से 9.139 किलो क्रिस्टल मेथामेफेटामाइन जब्त की है। इसकी कीमत करीब 7.32 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी खेप किसके लिए लाई गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
दिल्ली से आई बस, फिर शुरू हुई तलाशी
DRI को सूचना मिली थी कि दिल्ली से भोपाल के रास्ते ड्रग्स की खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही टीम ने निगरानी बढ़ाई और मंगलवार, 20 अक्टूबर को भोपाल के अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) पर कार्रवाई की तैयारी की। दिल्ली से बस पहुंचने के बाद संदिग्ध यात्रियों के सामान की जांच की गई।
इसी दौरान एक युवक के पास मौजूद दो मध्यम आकार के ट्रॉली बैग अधिकारियों के निशाने पर आए। पहली नजर में ये सामान्य यात्रा के बैग लग रहे थे, लेकिन जब उनकी बारीकी से तलाशी ली गई तो अंदर छिपी सामग्री ने अधिकारियों को चौंका दिया।
कपड़ों के पैकेटों में छिपाए थे 11 बंडल
तलाशी के दौरान सलवार-सूट के पैकेटों के अंदर क्रिस्टल मेथामेफेटामाइन के 11 पैकेट मिले। तस्करी करने वालों ने नशीले पदार्थ को कपड़ों के बीच इस तरह छिपाया था कि सामान्य जांच में उस पर तुरंत ध्यान जाना आसान नहीं था। अधिकारियों ने फील्ड टेस्ट किट से पदार्थ की जांच की, जिसमें ड्रग्स होने की पुष्टि हुई।
इसके बाद DRI ने कुल 9.139 किलो नशीला पदार्थ जब्त कर लिया। इसकी अनुमानित कीमत 7.32 करोड़ रुपये है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, जांच में यह सामने आना बाकी है कि युवक को यह खेप कहां से मिली थी और इसे आगे किसे सौंपना था।
महाराष्ट्र पहुंचाई जानी थी ड्रग्स की खेप?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी इस खेप को महाराष्ट्र में सप्लाई करने जा रहा था। अगर यह जानकारी जांच में सही साबित होती है, तो मामले में दूसरे राज्यों तक फैले तस्करी नेटवर्क की भूमिका भी सामने आ सकती है।
DRI अब आरोपी के संपर्कों और ड्रग्स की सप्लाई से जुड़े संभावित लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस कार्रवाई से जुड़े सबसे अहम सवाल यही हैं कि नशीले पदार्थ की खेप कहां तैयार हुई, इसे भोपाल तक कौन लेकर आया और महाराष्ट्र में इसका अगला ठिकाना कहां था।
छह दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई से बढ़ी चिंता
भोपाल में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ छह दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 15 अक्टूबर को DRI ने भोपाल ISBT से एक महिला को गिरफ्तार किया था। वह दिल्ली से बेंगलुरु जा रही थी। उसके पास से 2.604 किलो एम्फेटामाइन बरामद हुई थी, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई थी।दोनों मामलों में बसों के जरिए दूसरे राज्यों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने का मामला सामने आया है। इससे सार्वजनिक परिवहन के रास्ते ड्रग्स की आवाजाही पर निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
रेलवे स्टेशन पर भी पकड़ी गई थी ड्रग्स
इससे पहले 25 सितंबर को भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक नाइजीरियाई महिला के पास से 4.38 किलो एम्फेटामाइन बरामद की गई थी। लगातार सामने आ रहे मामलों ने शहर में नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर चिंता बढ़ाई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक महीने के भीतर 22 किलो से अधिक ड्रग्स जब्त किए जाने का दावा किया गया है।
अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि ये मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं या इनके पीछे अलग-अलग तस्करी नेटवर्क काम कर रहे हैं। भोपाल और इंदौर के रास्तों से सिंथेटिक ड्रग्स की आवाजाही की आशंका की भी जांच की जा रही है।फिलहाल, 7.32 करोड़ रुपये की इस खेप की बरामदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कपड़ों के पैकेटों में छिपाकर लाई गई इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स के पीछे कौन है और इसकी सप्लाई का पूरा नेटवर्क कहां तक फैला है, इसका खुलासा जांच आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगा।