अंतरराष्ट्रीय डेस्क। Nishaanebaz.com-India Vs France Cost Of Living: जब भी दो अलग-अलग देशों के रहन-सहन, खान-पान और रोजमर्रा के खर्चों की तुलना की जाती है, तो कई हैरान करने वाले आंकड़े सामने आते हैं। दुनिया के सबसे लोकप्रिय यूरोपीय देशों में शुमार फ्रांस और विकासशील विशाल अर्थव्यवस्था वाले भारत के बीच खर्चों को लेकर जमीन-आसमान का अंतर नजर आता है। भारत में जहां आम आदमी के लिए चीजें एक तय बजट में मिल जाती हैं, वहीं फ्रांस में यूरो की मजबूत करेंसी के चलते हर छोटी-बड़ी चीज पर अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। आइए, आंकड़ों के जरिए समझते हैं कि दोनों देशों के बीच रोजमर्रा के खर्चों में कितना बड़ा फर्क है।
दूध और पेट्रोल की कीमतों में भारी अंतर
रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों की बात करें तो फ्रांस में कई चीजें भारत के मुकाबले बेहद महंगी हैं।
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दूध का खर्च: भारत में जहां एक लीटर दूध की औसत कीमत करीब 65 से 68 रुपए है, वहीं फ्रांस में इसकी कीमत लगभग 158 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच जाती है। यानी फ्रांस में दूध खरीदने के लिए आपको दोगुने से भी ज्यादा दाम चुकाने पड़ते हैं।
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पेट्रोल की कीमतें: ईंधन के मोर्चे पर भी दोनों देशों में बड़ा अंतर है। भारत में जहां पेट्रोल लगभग 100 से 102 रुपए प्रति लीटर के आसपास है, वहीं फ्रांस में इसकी औसत कीमत करीब 2.21 यूरो प्रति लीटर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 210 से 212 रुपए प्रति लीटर बैठती है।
रेस्त्रां का खाना और घर का किराया
बाहर खाने-पीने और रहने की लागत (Real Estate Cost) के मामले में फ्रांस का खर्च काफी ज्यादा भारी पड़ता है:
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रेस्त्रां का खर्च: फ्रांस के किसी बिजनेस एरिया में एक व्यक्ति के लिए ड्रिंक के साथ सामान्य लंच की कीमत करीब 2,074 रुपए है, जबकि भारत में इसी तरह का लंच लगभग 436 रुपए में मिल जाता है।
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मकान का किराया: बजट पर सबसे बड़ा असर डालने वाला घर का किराया फ्रांस में बहुत अधिक है। फ्रांस के सामान्य इलाके में 45 वर्ग मीटर के सुसज्जित स्टूडियो अपार्टमेंट का मासिक किराया लगभग 88,825 रुपए है, जबकि भारत में इसी श्रेणी के घर का किराया करीब 17,532 रुपए होता है। इसके अलावा बिजली और गैस के बिल भी वहां काफी ज्यादा आते हैं।
फ्रांस में कितनी मिलती है सैलरी
महंगाई के इन आंकड़ों को देखने के बाद यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या फ्रांस में रहना घाटे का सौदा है? इसका जवाब वहां की इनकम से जुड़ा है। फ्रांस में चीजें महंगी जरूर हैं, लेकिन वहां की न्यूनतम सैलरी भी भारत के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। फ्रांस में लागू न्यूनतम वेतन 1,867.02 यूरो प्रति माह है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 1.78 लाख रुपए बैठता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल महंगाई या केवल सैलरी देखकर किसी देश को महंगा या सस्ता बताना सही नहीं है। यह देखना होता है कि वहां कमाने वाला व्यक्ति अपनी कुल कमाई का कितना हिस्सा किराए, भोजन और ट्रांसपोर्ट पर खर्च करता है। एक ऑनलाइन कॉस्ट-ऑफ-लिविंग तुलना के अनुसार, फ्रांस में रहने का कुल खर्च भारत के मुकाबले लगभग 168% ज्यादा है। भारत में जहां लोगों की आमदनी कम हो सकती है, वहीं कई जरूरी सेवाएं और वस्तुएं फ्रांस की तुलना में काफी किफायती हैं। इसके विपरीत, फ्रांस में अधिक सैलरी मिलने के बावजूद भारी-भरकम किराया और टैक्स बजट का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में ले लेते हैं।