Betul News: बैतूल: दलित के आशियाने पर चला दिया बुलडोजर, 5 पीढ़ियों से जिस घर मे रह रहा था परिवार, ताला लगे घर पर की गई इस बुलडोजर कार्यवाही से हुआ लाखों का नुकसान, डॉन बोस्को कर्मचारियों पर लगे गम्भीर आरोप,सदर स्थित डॉन बोस्को परिसर के पास की कार्यवाही, कार्यवाही पर उठे गम्भीर सवाल, बैतूल जिला मुख्यालय की घटना
मध्यप्रदेश के बैतूल जिला मुख्यालय से एक सनसनीखेज कार्यवाही सामने आई है जहाँ ताला लगे हुए दलित वर्ग के मकान पर एक विशेष समुदाय के लोगो पर प्रशासन को गुमराह कर बुलडोजर कार्यवाही के आरोप लगे है समाजसेवी पंकज अतुलकर द्वारा से प्राप्त जानकारी अनुसार सदर स्थित डॉन बोस्को परिसर के पास एक दलित परिवार के घर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई की गई है जिसने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 5 पीढ़ियों से जिस मकान में परिवार रह रहा था, उस ताला लगे घर पर बुलडोजर चला दिया गया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान डॉन बोस्को के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध रही। बताया जा रहा है कि जब कार्रवाई हुई, उस समय घर में ताला लगा था और परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे।
मौके पर पहुंचे आजाद समाज पार्टी के नेता पंकज अतुलकर ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने टूटे हुए मकान के मलबे का जायजा लेने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अतुलकर का कहना है कि बिना परिवार को सुने और बिना समुचित पुनर्वास के इस तरह ताला लगे घर पर बुलडोजर चलाना गलत है। उन्होंने पीड़ित दलित परिवार को न्याय दिलाने और नुकसान की भरपाई की मांग उठाई है, साथ ही इस कार्रवाई के पीछे की मंशा और डॉन बोस्को कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना समुचित नोटिस और सुनवाई के इस तरह की कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और नुकसान की भरपाई के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
इन बिंदुओं पर उठ रहे सवाल:
क्या कार्रवाई से पहले परिवार को विधिवत नोटिस दिया गया था? ताला लगे घर पर कार्रवाई की क्या मजबूरी थी? डॉन बोस्को कर्मचारियों की भूमिका क्या रही? 5 पीढ़ियों से रह रहे परिवार के पुनर्वास का क्या होगा? फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार है।
