Indore News: इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इंदौर की रेसिडेंसी कोठी में मुलाकात की। मुलाकात के बाद जब मीडिया ने उनसे इसकी वजह पूछी, तो ताई ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, “हां, नौकरी मांगने आई थी।” उनके इस हल्के-फुल्के जवाब के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, मुलाकात का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं हुआ है और किसी पद की मांग की पुष्टि भी नहीं हुई है।
Indore News: सुमित्रा महाजन इंदौर से लगातार आठ बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। वह लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात और नौकरी को लेकर दिया गया मजाकिया बयान चर्चा का विषय बन गया।
Indore News: इंदौर के जल संकट और पाइपलाइन लीकेज पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान इंदौर में जल संकट और नर्मदा पाइपलाइन में लीकेज का मुद्दा भी उठा। सुमित्रा महाजन ने शहर की पाइपलाइनों का डिजिटल मैप तैयार करने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इससे पाइपलाइनों की वास्तविक लोकेशन का पता लगाने और लीकेज की पहचान करने में मदद मिल सकती है। पाइपलाइन में लीकेज होने से जलापूर्ति प्रभावित होती है। आने वाले समय में जल संकट की आशंका को देखते हुए उन्होंने इस दिशा में बेहतर व्यवस्था बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
Indore News: पुराने सुझाव पर अमल का सवाल
सुमित्रा महाजन ने पाइपलाइनों की डिजिटल मैपिंग का सुझाव दिया, लेकिन इस पर पहले कितना काम हुआ है, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है। यदि शहर की पाइपलाइनों का व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए, तो मरम्मत और लीकेज की पहचान में समय बच सकता है। फिलहाल, मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सुमित्रा महाजन का ‘नौकरी मांगने आई थी’ वाला मजाकिया बयान चर्चा में है। वहीं, इंदौर के जल संकट और पाइपलाइन लीकेज पर डिजिटल मैपिंग का सुझाव शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर भी ध्यान खींच रहा है।
