Tech Tips: मोबाइल फोन चोरी हो जाए, तो नुकसान सिर्फ डिवाइस तक सीमित नहीं रहता। उसमें मौजूद निजी तस्वीरें, बैंकिंग ऐप्स, कॉन्टैक्ट और दूसरी संवेदनशील जानकारी का गलत इस्तेमाल भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द पुलिस को सूचना देना जरूरी है। कई राज्यों में फोन चोरी होने या गुम होने की शिकायत ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि e-FIR और लॉस्ट रिपोर्ट की सुविधा राज्य के नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
पहले पुलिस पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए अपने राज्य की पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाएं। वहां मोबाइल चोरी या गुम होने से जुड़ा विकल्प तलाशें। उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश में UP Cop और दिल्ली में दिल्ली पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर संबंधित सेवाएं उपलब्ध हो सकती हैं।
पहली बार पोर्टल इस्तेमाल करने पर नाम, सक्रिय मोबाइल नंबर और मांगी गई पहचान संबंधी जानकारी देकर अकाउंट बनाना पड़ सकता है। किसी अनजान वेबसाइट पर निजी जानकारी साझा करने से बचें और पोर्टल का आधिकारिक होना जरूर जांचें।
ऐसे दर्ज करें मोबाइल चोरी की शिकायत
लॉग-इन करने के बाद पोर्टल पर उपलब्ध e-FIR या Lost Mobile/Lost Article Report का विकल्प चुनें। इसके बाद घटना की तारीख, समय और उस जगह की जानकारी भरें, जहां फोन चोरी हुआ या आखिरी बार देखा गया था।
फॉर्म में मोबाइल का ब्रांड, मॉडल, मोबाइल नंबर और 15 अंकों का IMEI नंबर भी मांगा जा सकता है। IMEI फोन के बॉक्स, खरीद बिल या कुछ डिवाइस रिकॉर्ड में मिल सकता है। जानकारी भरने के बाद फॉर्म जमा करें। ध्यान रखें कि हर राज्य में ऑनलाइन FIR दर्ज करने के नियम और पात्रता एक जैसी नहीं होती। कुछ मामलों में पुलिस स्टेशन जाने या अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत पड़ सकती है।
शिकायत की रसीद जरूर संभालकर रखें
ऑनलाइन शिकायत जमा होने के बाद मिलने वाला रेफरेंस नंबर या रसीद सुरक्षित रखें। अगर पोर्टल डिजिटल कॉपी उपलब्ध कराता है, तो उसे अपने ईमेल या सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज में सेव कर लें। आगे पुलिस से संपर्क करने या फोन ब्लॉक कराने के दौरान यह दस्तावेज काम आ सकता है।
CEIR पोर्टल से ऐसे ब्लॉक करें फोन
शिकायत दर्ज करने के बाद भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल पर मौजूद CEIR सुविधा के जरिए चोरी या गुम हुए मोबाइल को ब्लॉक करने का अनुरोध किया जा सकता है। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर Block Stolen/Lost Mobile का विकल्प चुनें और मांगी गई जानकारी भरें।
बैंकिंग और निजी डेटा की भी करें सुरक्षा
फोन चोरी होने पर अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से संपर्क करके पुराना सिम बंद कराएं और जरूरत के अनुसार नया सिम लें। बैंकिंग ऐप्स, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें। अगर फोन में पेमेंट ऐप्स या बैंक खाते जुड़े हैं, तो बैंक को भी सूचना दें। इससे निजी जानकारी और वित्तीय खातों के दुरुपयोग का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
