Bhilai Steel Plant : रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के निजीकरण की आशंका को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए बीएसपी और एनएमडीसी जैसे सार्वजनिक उपक्रमों को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को अफवाह करार देते हुए कहा है कि भिलाई स्टील प्लांट जनता का है और जनता का ही रहेगा।
भूपेश बघेल ने जताई बीएसपी के बिकने की आशंका
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक उद्योगपति भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा करने आने वाले हैं। इसी आधार पर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आशंका जताई कि बीएसपी को बेचने की तैयारी हो सकती है।
बघेल ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ की आत्मा है और राज्य के लोग इसे किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही।
दीपक बैज ने सरकार से मांगी गारंटी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी बीएसपी को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार इस बात की गारंटी देगी कि भिलाई स्टील प्लांट और एनएमडीसी का निजीकरण नहीं किया जाएगा?
बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संपत्तियों को बेचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने सीमेंट, बिजली और अन्य औद्योगिक इकाइयों के साथ नगरनार स्टील प्लांट का भी उल्लेख किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को सार्वजनिक उपक्रमों के भविष्य पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
भाजपा का पलटवार, कहा- जनता का है बीएसपी
Bhilai Steel Plant : कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर भाजपा के वरिष्ठ नेता केदार गुप्ता ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत मुद्दों को उठाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस हर मामले में अदाणी का नाम लेकर राजनीति करती है। केदार गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि भिलाई स्टील प्लांट जनता का है और जनता का ही रहेगा। भाजपा ने कांग्रेस के दावों को अफवाह बताया है। फिलहाल, बीएसपी के निजीकरण को लेकर कांग्रेस की आशंकाओं और भाजपा के जवाब के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, प्रस्तुत बयानों में बीएसपी को बेचने के किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं की गई है।
