Rajnandgaon Paddy Procurement: निशोनबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के बीच बारदानों की व्यवस्था को लेकर काम तेज हो गया है। राजनांदगांव जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से जुड़ी 96 सहकारी समितियों के लिए बारदानों का इंतजाम किया जा रहा है। खरीदी के दौरान किसानों से बड़ी मात्रा में धान लिया जाएगा, ऐसे में हर केंद्र पर पर्याप्त बोरे उपलब्ध कराना विभाग के लिए अहम है। इसी जरूरत को देखते हुए मार्कफेड पुराने बारदानों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राइस मिलरों से मिलने वाले बारदानों के साथ नए बोरे जुटाने की तैयारी कर रहा है।
96 समितियों के लिए बारदानों का इंतजाम
धान खरीदी केंद्रों पर रोजाना बड़ी मात्रा में धान पहुंचता है। इसे भरने, रखने और आगे भेजने के लिए पर्याप्त बारदानों की जरूरत होती है। यदि किसी केंद्र पर बोरे कम पड़ते हैं, तो खरीदी और भंडारण की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी स्थिति से बचने के लिए राजनांदगांव की सभी 96 सहकारी समितियों में जरूरत के मुताबिक बारदाने उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।अधिकारियों के अनुसार, बारदानों की व्यवस्था के लिए काम शुरू कर दिया गया है। योजना है कि खरीदी शुरू होने से पहले समितियों तक जरूरी सामग्री पहुंचा दी जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो।
पुराने बारदानों के साथ नए बोरों की भी व्यवस्था
बारदानों की जरूरत पूरी करने के लिए केवल नए बोरों पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। पहले से उपलब्ध पुराने बारदानों में से उपयोग के योग्य बोरों को भी खरीदी के काम में लगाया जा सकता है। इसके साथ ही नए बारदानों की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है।पुराने बोरों का उपयोग उनकी स्थिति और तय मानकों के आधार पर ही किया जा सकेगा। कटे-फटे या कमजोर बारदानों से धान रखने और ढुलाई के दौरान परेशानी हो सकती है। इसलिए उनकी जांच और उपयोग की पात्रता भी महत्वपूर्ण होगी।
Read More: CG News: छत्तीसगढ़ में भीषण हादसा! घूमने निकले तीन मौसेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, खड़े ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार बाइक
PDS दुकानों और राइस मिलरों से मिलेंगे बारदाने
बारदानों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से खाली होने वाले बोरों और राइस मिलरों से मिलने वाले बारदानों का इस्तेमाल करने की तैयारी है। इन स्रोतों से बोरे जुटाकर खरीदी केंद्रों की जरूरत पूरी करने की कोशिश की जाएगी।इसके अलावा नए बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी काम हो रहा है। अलग-अलग स्रोतों से सामग्री जुटाने का उद्देश्य यह है कि खरीदी के दौरान किसी समिति में बोरों की कमी न हो। हालांकि, उपलब्ध बारदानों की वास्तविक संख्या और सभी केंद्रों की जरूरत के आंकड़े सामने आने के बाद ही व्यवस्था की पर्याप्तता का आकलन किया जा सकेगा।
दशहरा के बाद समितियों में होगी व्यवस्था
अधिकारियों के मुताबिक, दशहरा पर्व के बाद सहकारी समितियों में बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की तैयारी है। मार्कफेड की ओर से इसके लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। खरीदी शुरू होने से पहले सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि फसल आने के साथ केंद्रों पर काम का दबाव बढ़ जाता है।मार्कफेड के प्रमुख बघेल के अनुसार, दशहरा के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है।
खरीदी केंद्रों की तैयारी पर किसानों की नजर
समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए खरीदी केंद्रों की व्यवस्था अहम होती है। पर्याप्त बारदाने, भंडारण की सुविधा और समय पर धान की तौल होने से खरीदी प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सकती है। ऐसे में राजनांदगांव की 96 समितियों में बारदानों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।अब देखना होगा कि दशहरा के बाद सभी समितियों में तय जरूरत के अनुसार बारदाने पहुंच पाते हैं या नहीं। समय रहते पर्याप्त और उपयोग योग्य बोरे उपलब्ध होने से खरीदी के दौरान होने वाली संभावित दिक्कतों को कम करने में मदद मिल सकती है।
