Air India Flight AI-2030: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 को बुधवार सुबह जयपुर एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया। विमान के हाईजैक होने से जुड़ा अलर्ट मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। इसके बाद विमान को दिल्ली ले जाने के बजाय जयपुर की ओर मोड़ा गया और वहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान के उतरते ही सुरक्षाकर्मियों ने जांच शुरू कर दी।
मिली जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को विमान को हाईजैक किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना सामने आने के बाद संबंधित एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की और विमान को जयपुर में उतारने का फैसला लिया गया।हालांकि, शुरुआती जानकारी में केवल अलर्ट मिलने की बात सामने आई है। विमान में वास्तव में हाईजैक की कोशिश हुई थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अलर्ट को किसी वास्तविक हाईजैक की घटना के रूप में पेश करना अभी सही नहीं होगा।
लैंडिंग के बाद विमान की जांच शुरू
जयपुर एयरपोर्ट पर विमान के उतरते ही सुरक्षा कर्मियों ने उसकी जांच शुरू कर दी। एजेंसियां विमान की स्थिति और अलर्ट से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच में किसी संदिग्ध गतिविधि के मिलने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।जांच पूरी होने और संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्ट बयान जारी होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि अलर्ट किस आधार पर जारी हुआ था और विमान को जयपुर डायवर्ट करने की जरूरत क्यों पड़ी।
13 अक्टूबर की रात फ्रैंकफर्ट से भरी थी उड़ान
जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से 13 अक्टूबर की रात करीब 9:45 बजे उड़ान भरी थी। विमान को बुधवार, 14 अक्टूबर को सुबह करीब 10:40 बजे दिल्ली पहुंचना था।लेकिन रास्ते में हाईजैक से जुड़ा अलर्ट मिलने के बाद विमान का मार्ग बदल दिया गया। इसके बाद जयपुर एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस घटनाक्रम के चलते विमान की निर्धारित यात्रा प्रभावित हुई।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों की जांच जारी है। विमान में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की मौजूदगी, अलर्ट के स्रोत और जांच के अंतिम नतीजों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।हवाई सुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में शुरुआती सूचना और अंतिम जांच के निष्कर्ष अलग हो सकते हैं। इसलिए विमान की इमरजेंसी लैंडिंग को हाईजैक की पुष्टि नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसियों की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होगी।
