MP Weather Update: भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम के इस बदले मिजाज के बीच पूर्वी जिलों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रीवा और आसपास के जिलों में बारिश का असर
पूर्वी मध्य प्रदेश में रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली सहित कुछ जिलों में बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं।
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, रीवा और शहडोल संभाग के कुछ जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई थी। हालांकि, हर जिले में मौसम की स्थिति अलग हो सकती है। लोगों को अपने क्षेत्र के ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
भोपाल-इंदौर में मौसम रहेगा अलग
प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। ऐसे क्षेत्रों में दिन के समय धूप निकलने से गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और रात के तापमान में अंतर बना रह सकता है।मौसम के इन अलग-अलग रुखों के कारण पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में एक जैसी परिस्थितियां देखने को नहीं मिल रही हैं।
पचमढ़ी की ठंडक भी चर्चा में
मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल पचमढ़ी अपनी ठंडी जलवायु के लिए जाना जाता है। अक्टूबर के दौरान यहां सुबह और रात में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। हालांकि, पचमढ़ी का वर्तमान न्यूनतम तापमान और प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान होने की पुष्टि ताजा आधिकारिक आंकड़ों से की जानी चाहिए।
किसानों और आम लोगों को सावधानी की सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को स्थानीय बारिश, खेतों में नमी और मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। वहीं, आंधी या गरज-चमक की स्थिति में खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
प्रदेश में मौसम की स्थिति जिले-दर-जिले बदल सकती है। ऐसे में बारिश या आंधी की चेतावनी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा स्थानीय पूर्वानुमान को देखना जरूरी है।

