रायपुर। Nishaanebaz.com-Chhattisgarh Coal Levy Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित और बड़े पैमाने पर सामने आए 570 करोड़ रुपये के कोल लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अपनी कानूनी शिकंजा कसते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। EOW ने सोमवार को राजधानी रायपुर की विशेष अदालत में 9 हजार से अधिक पन्नों का छठा पूरक चालान (चार्जशीट) पेश किया है। इस लंबी-चौड़ी चार्जशीट में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, रामगोपाल अग्रवाल और आईएएस रानू साहू के भाई पीयूष साहू समेत कुल 12 प्रमुख आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया है। अदालत में चालान पेश होने के बाद जहां एक ओर न्यायिक प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है, वहीं दूसरी ओर अदालत परिसर में दिए गए बयानों के बाद राज्य की राजनीतिक सरगर्मी भी काफी तेज हो गई है।
जांच एजेंसियों के दस्तावेजों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन (कोल ट्रांसपोर्टेशन) करने वाले कारोबारियों से प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की जाती थी। इस अवैध उगाही और सिंडिकेट का नेटवर्क सरकारी तंत्र के उच्च अधिकारियों, बड़े व्यापारियों, राजनीतिक हस्तियों और बिचौलियों तक फैला हुआ था। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रहा है, जिसके अनुसार अवैध वसूली की कुल रकम करीब 540 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहीं, एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और EOW भ्रष्टाचार, कथित अवैध वसूली और आपराधिक षड्यंत्र के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें यह आंकड़ा लगभग 570 करोड़ रुपये बताया गया है।
विशेष अदालत में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि उन्हें देश की न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर नहीं। देवेंद्र यादव ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सिपाही हैं और अपनी यह लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेंगे। उन्होंने दावा किया कि जेल की सलाखें पहले भी उनका हौसला नहीं तोड़ पाई थीं, इसलिए इस प्रकार के षड्यंत्र उनके इरादों को कमजोर नहीं कर सकते। इस दौरान यादव ने राजनीतिक भेदभाव का गंभीर आरोप लगाते हुए चिंतामणि महाराज का विशेष रूप से उल्लेख किया और दावा किया कि मामले की शुरुआत में एफआईआर में उनका नाम भी शामिल था, लेकिन उनके भारतीय जनता पार्टी में शामिल होते ही उनका नाम जांच से गायब हो गया।
कांग्रेस विधायक के इन तीखे बयानों पर पलटवार करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और अन्य भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा का कहना है कि देवेंद्र यादव को कानून की निष्पक्ष कार्रवाई और जेल जाने का साफ डर सता रहा है, इसलिए वे इस तरह के अनर्गल बयान दे रहे हैं। सत्तारूढ़ दल का स्पष्ट करना है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं और इस पूरे घोटाले में जिस किसी की भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अदालत में छठा पूरक चालान दाखिल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की न्यायिक सुनवाई और कानूनी बहस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।






