सागर। Nishaanebaz.com-Sagar Liquor Scandal Impact: मध्य प्रदेश के सागर जिले में चर्चित बंडा शराब कांड के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की सख्त कार्रवाइयों का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में सागर शहर के मध्य स्थित भगवानगंज क्षेत्र में संचालित दो प्रमुख बीयर बारों की वर्ष 2026-27 की एफएल-2 (FL-2) अनुज्ञप्तियां (लाइसेंस) निरस्त कर दी गई हैं। यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सागर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के कड़े निर्देशों पर की गई है, जिससे शहर के शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
आबकारी विभाग द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान दोनों परिसरों से बिना वैध परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के भारी मात्रा में देशी, अंग्रेजी व बीयर का अवैध भंडारण पाया गया था।
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मुस्कान बार और जी.के. होटल्स पर हुई कार्रवाई
प्रशासन से प्राप्त विवरण के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी (SDO) रोहित वर्मा, नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) ललित कश्यप और सहायक आयुक्त आबकारी श्रीमती वंदना पांडेय के संयुक्त नेतृत्व में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया था:
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मुस्कान बार एंड रेस्टोरेंट: भगवानगंज स्थित इस बार (लाइसेंसी भगत सिंह राजपूत) के निरीक्षण में 43 बोतल स्प्रिट मदिरा, 96 बोतल बीयर और 50 कैन बीयर बरामद हुई। कुल 119.65 बल्क लीटर मदिरा के संबंध में मौके पर कोई वैध परमिट या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
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जी.के. होटल्स: भगवानगंज स्थित इस रेस्टोरेंट बार (लाइसेंसी सुरेंद्र कुमार अहिरवार) से 18 बोतल मदिरा और 16 कैन बीयर जब्त की गई, जिसकी कुल मात्रा 28.2 बल्क लीटर पाई गई।
दोनों ही मामलों में कुल 148 लीटर से अधिक मदिरा जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण पंजीकृत किए गए थे।
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नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर अंतिम कार्रवाई
निरीक्षण के बाद आबकारी विभाग ने संबंधित बार संचालकों को नियम उल्लंघन और बिना परमिट भंडारण को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। हालांकि, तय समय-सीमा में संचालकों द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण को विभागीय स्तर पर असंतोषजनक पाया गया।
इसके बाद कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 31(1)(ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दोनों बीयर बारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए। जिला प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले शराब विक्रेताओं के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।






