Raigarh gang-rape case: रायगढ़। थाना पुसौर क्षेत्र में वर्ष 2024 में महिला से हुए सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में विशेष न्यायालय (एट्रोसिटी एक्ट), रायगढ़ द्वारा दिनांक 28 सितंबर 2026 को निर्णय सुनाते हुए सभी 6 आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया है। न्यायालय ने आरोपी सच्चिदानंद साहू उर्फ मुन्नू एवं उत्तम मिरधा को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(v) के तहत आजीवन कारावास से दंडित किया है तथा आरोपी कृष्णा उर्फ राहुल चौहान, नरेन्द्र उर्फ छोटू सिदार, बबलू चौहान एवं राहुल खड़िया को सामूहिक दुष्कर्म की धारा 70(1) तथा विधि विरुद्ध जमाव की धारा 190 भारतीय न्याय संहिता के तहत 20-20 वर्ष के कारावास से दंडित किया गया है। अभियोजन के अनुसार दिनांक 19 अगस्त 2024 की शाम पीड़िता अकेले पैदल मेला देखने जा रही थी।
Raigarh gang-rape case: इसी दौरान मुख्य मार्ग पर उसे पूर्व परिचित आरोपी कृष्णा उर्फ राहुल चौहान अपने साथियों के साथ मिला। आरोप है कि आरोपी पीड़िता को जबरन तालाब की ओर ले गए, जहां अन्य युवक भी पहुंच गए और सभी ने बारी-बारी से उसके साथ बलपूर्वक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी महिला को धमकाते हुए अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर गांव की महिलाओं के पास पहुंची और घटना की जानकारी दी। इसके बाद सरपंच को सूचना देकर 20 अगस्त को थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 194/2024, धारा 70(1), 140(3), 351(3) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
Raigarh gang-rape case: तत्कालीन पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के मार्गदर्शन में तत्कालीन नगर पुलिस अधीक्षक श्री आकाश शुक्ला (IPS) एवं थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रोहित बंजारे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की पहचान कर धरपकड़ की। विवेचना में कुल 09 आरोपियों की पहचान हुई, जिनमें 08 को पकड़ा गया, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालक पाए गए। एक अन्य विधि से संघर्षरत बालक फरार था, जिसकी मृत्यु हो जाने के कारण उसे प्रकरण से पृथक किया गया। दोनों विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध पृथक से किशोर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया।
Raigarh gang-rape case: प्रकरण की प्रारंभिक विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी पुसौर निरीक्षक रोहित बंजारे द्वारा की गई तथा बाद में तत्कालीन CSP रायगढ़ श्री आकाश शुक्ला द्वारा विवेचना की गई। विवेचना के दौरान आरोपी सच्चिदानंद साहू उर्फ मुन्नू एवं उत्तम मिरधा के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(s), 3(1)(r) एवं 3(2)(v) जोड़ी गई। सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वर्तमान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में प्रकरण के सभी साक्षियों की समय पर न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराई गई।
Raigarh gang-rape case: तत्कालीन CSP श्री आकाश शुक्ला की प्रभावी विवेचना तथा विशेष लोक अभियोजक श्री राजीव बेरीवाल की सशक्त पैरवी के फलस्वरूप अभियोजन द्वारा आरोपियों पर अधिरोपित धाराओं में दोषसिद्धि प्राप्त हुई। न्यायालय ने चार आरोपियों कृष्णा उर्फ राहुल चौहान, नरेन्द्र उर्फ छोटू सिदार, बबलू चौहान एवं राहुल खड़िया को 20-20 वर्ष के कारावास तथा सच्चिदानंद साहू उर्फ मुन्नू एवं उत्तम मिरधा को आजीवन कारावास से दंडित किया है। साथ ही माननीय न्यायालय द्वारा पीड़िता को क्षतिपूर्ति योजना के तहत नियमानुसार प्रतिकर राशि प्रदान किए जाने की अनुशंसा भी की गई है।
Raigarh gang-rape case: एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश
Raigarh gang-rape case: “महिला एवं कमजोर वर्ग के विरुद्ध होने वाले गंभीर अपराधों में रायगढ़ पुलिस संवेदनशीलता और पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई करती है। ऐसे मामलों में साक्ष्य आधारित विवेचना, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी और न्यायालय में प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इस प्रकरण में पुलिस की विवेचना एवं अभियोजन की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपियों को कठोर दंड मिलना पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”






