Chhattisgarh Jal Jeevan Mission: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पेयजल की सुविधा बढ़ाने के लिए जल जीवन मिशन के तहत काम किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य गांवों के हर घर तक नल के जरिए स्वच्छ और नियमित पानी पहुंचाना है। घर में नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीण परिवारों को पानी जुटाने के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है। इससे खासतौर पर महिलाओं का समय और मेहनत बचाने के साथ बच्चों की पढ़ाई और दूसरे घरेलू कामों के लिए भी समय मिल सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार केंद्र की इस योजना को गांवों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। योजना के तहत घरेलू कनेक्शन के साथ स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी पेयजल की सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
2019 में शुरू हुआ था जल जीवन मिशन
जल जीवन मिशन की शुरुआत 15 अगस्त 2019 को की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन के जरिए नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है।उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने के समय देश में करीब 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों के पास नल कनेक्शन था। जुलाई 2026 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 15.89 करोड़ बताई गई है। यह आंकड़ा देश के 82 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल पहुंचने का संकेत देता है।
योजना के तहत प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पानी उपलब्ध कराने का सेवा मानक रखा गया है। अब जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केवल कनेक्शन देने के बजाय पानी की नियमित आपूर्ति, गुणवत्ता और व्यवस्था के लंबे समय तक संचालन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली आर्थिक सहायता
छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय के तहत काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 में राज्य ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र के साथ सुधार आधारित समझौता किया था।वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 536.53 करोड़ रुपये जारी किए। इसके अलावा अगस्त 2026 में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 149.50 करोड़ रुपये की केंद्रीय हिस्सेदारी की प्रतिपूर्ति जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।योजना के अगले चरण में डिजिटल निगरानी, जल स्रोतों की सुरक्षा, रखरखाव और जवाबदेही पर जोर दिया जा रहा है, ताकि घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था लंबे समय तक चल सके।
गांवों तक पहुंच रहा नल कनेक्शन
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिंगल विलेज और मल्टी विलेज योजनाओं के जरिए काम किया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत अलग-अलग गांवों की जरूरत के अनुसार पेयजल व्यवस्था तैयार की जाती है।स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और उप-स्वास्थ्य केंद्रों तक नल से पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी इसी प्रयास का हिस्सा है। इससे बच्चों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को साफ पानी की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
बारीउमराव गांव में दिखा बदलाव
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड का बारीउमराव गांव जल जीवन मिशन के तहत हुए बदलाव का उदाहरण बताया गया है। यहां घरों तक नल कनेक्शन पहुंचने के बाद ग्रामीण परिवारों की हैंडपंपों पर निर्भरता कम होने की बात सामने आई है।गांव के निवासी करम दास के अनुसार, अब उन्हें पानी लाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ता और न ही लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है। घर के आंगन में नल से पानी मिलने पर परिवार के लोगों का समय बचता है, जिसका इस्तेमाल खेती, रोजगार, पढ़ाई और घरेलू कामों में किया जा सकता है।
महिलाओं के समय और मेहनत की बचत
ग्रामीण परिवारों में पानी लाने की जिम्मेदारी अक्सर महिलाओं पर अधिक रहती है। ऐसे में घर तक नल कनेक्शन पहुंचने से उनकी रोजमर्रा की मेहनत कम हो सकती है।पानी जुटाने में लगने वाला समय बचने से महिलाओं को परिवार, बच्चों की पढ़ाई, खेती और अन्य कामों के लिए अधिक समय मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ पानी की नियमित आपूर्ति और उसकी गुणवत्ता पर निर्भर करता है।
जल जीवन मिशन 2.0 में नियमित आपूर्ति पर जोर
जल जीवन मिशन 2.0 के तहत योजना को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और कुल 8.69 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई है। इसमें 3.59 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल बताई गई है।इस चरण में पाइपलाइन और अन्य ढांचे के निर्माण के साथ उनके रखरखाव, जल स्रोतों की स्थिरता और डिजिटल निगरानी पर भी ध्यान दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों की भूमिका बढ़ाने और पेयजल योजनाओं की परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग जैसे कदमों को भी महत्वपूर्ण माना गया है।
रायपुर में 31 दिसंबर तक हर घर जल का लक्ष्य
रायपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शेष कार्यों को पूरा कर 31 दिसंबर 2026 तक शत-प्रतिशत हर घर जल जिला बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बाकी बचे कनेक्शन और पेयजल व्यवस्था से जुड़े कामों को पूरा करना होगा।हालांकि, हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है। पानी की नियमित आपूर्ति, गुणवत्ता की जांच, पुराने ढांचे का रखरखाव और जल स्रोतों की सुरक्षा भी जरूरी है।
हर घर तक नियमित पानी पहुंचाना बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से विविधता वाला राज्य है। ऐसे में सभी ग्रामीण इलाकों तक नियमित और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास की जरूरत है। पाइपलाइन का रखरखाव, पानी की गुणवत्ता और स्थानीय समुदाय की भागीदारी योजना की सफलता में अहम भूमिका निभाएंगे।जल जीवन मिशन का वास्तविक लाभ तभी पूरी तरह दिखाई देगा, जब ग्रामीण परिवारों को केवल नल कनेक्शन ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से पर्याप्त और सुरक्षित पानी भी मिल सकेगा।






