NFHS के आंकड़ों से खुली छत्तीसगढ़ की तस्वीर! ग्रामीण महिलाएं तंबाकू और शराब सेवन में आगे, बढ़ाई चिंता

Rahul Goshwami

Chhattisgarh NFHS Report: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में महिलाओं के बीच तंबाकू और शराब सेवन के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। उपलब्ध NFHS आंकड़ों में महिलाओं के तंबाकू और शराब सेवन का स्तर पिछले आंकड़ों की तुलना में बढ़ा हुआ दिखाई देता है। खास बात यह है कि दोनों ही मामलों में ग्रामीण महिलाओं का आंकड़ा शहरी महिलाओं से काफी ज्यादा है। इससे राज्य में महिलाओं के स्वास्थ्य और नशे से जुड़े व्यवहार को लेकर नई चिंता सामने आती है।हालांकि, अलग-अलग NFHS सर्वेक्षणों के आंकड़ों की तुलना करते समय आयु-समूह, सर्वेक्षण राउंड और इस्तेमाल की गई परिभाषाओं को ध्यान में रखना जरूरी है। इसलिए इन आंकड़ों को सीधे-सीधे एक ही पैमाने पर रखना सावधानी मांगता है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, महिलाओं में तंबाकू सेवन का स्तर 17.3 प्रतिशत से बढ़कर 18.7 प्रतिशत तक पहुंचने की बात सामने आई है। यानी उपलब्ध तुलना में 1.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दिखाई देती है।लेकिन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर इससे भी ज्यादा ध्यान खींचता है। ग्रामीण इलाकों में करीब 20.9 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, जबकि शहरों में यह आंकड़ा 10.4 प्रतिशत बताया गया है।यानी ग्रामीण महिलाओं में तंबाकू सेवन का स्तर शहरी महिलाओं की तुलना में लगभग दोगुना है। यह अंतर नशे से जुड़े व्यवहार के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक परिस्थितियों पर भी सवाल खड़े करता है।

शराब सेवन का आंकड़ा भी बढ़ा
महिलाओं में शराब सेवन को लेकर भी उपलब्ध आंकड़ों में बढ़ोतरी दिखाई गई है। यह आंकड़ा 4.9 प्रतिशत से बढ़कर 5.7 प्रतिशत होने की बात सामने आई है।इस मामले में भी ग्रामीण और शहरी महिलाओं के बीच बड़ा अंतर है। ग्रामीण क्षेत्रों में 6.8 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 1.6 प्रतिशत बताया गया है।यानी शराब सेवन के मामले में भी ग्रामीण महिलाओं का आंकड़ा शहरों की तुलना में कई गुना अधिक है।

ग्रामीण और शहरी आंकड़ों में बड़ा अंतर
तंबाकू और शराब, दोनों के आंकड़ों में सबसे बड़ा अंतर ग्रामीण और शहरी महिलाओं के बीच दिखाई देता है।

सेवन ग्रामीण महिलाएं शहरी महिलाएं
तंबाकू 20.9% 10.4%
शराब 6.8% 1.6%

ये आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं में नशे से जुड़े व्यवहार को समझने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हो सकती है। हालांकि, इन प्रतिशतों की तुलना करते समय सर्वेक्षण के साल और परिभाषाओं को ध्यान में रखना जरूरी है।

NFHS-5 में क्या था आंकड़ा?
छत्तीसगढ़ के NFHS-5 राज्य प्रोफाइल में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं से जुड़े आंकड़े दर्ज किए गए थे। इसमें महिलाओं के तंबाकू उपयोग का स्तर 17.3 प्रतिशत बताया गया था।वहीं, शराब सेवन का आंकड़ा उपलब्ध स्रोत में करीब 5 प्रतिशत दर्ज है। नए उपलब्ध आंकड़ों में इसे 5.7 प्रतिशत बताया गया है। अलग-अलग स्रोतों में दशमलव स्तर पर अंतर होने की स्थिति में मूल सर्वेक्षण तालिका को आधार बनाना जरूरी है।
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स्वास्थ्य के लिहाज से क्यों गंभीर है मामला?
तंबाकू और शराब दोनों का अधिक या नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। तंबाकू का इस्तेमाल कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के खतरे से जुड़ा है।इसी वजह से केंद्र सरकार का राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम तंबाकू सेवन को रोकने और लोगों को इसके स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति जागरूक करने पर जोर देता है।महिलाओं में इन पदार्थों के सेवन से जुड़े आंकड़े सामने आने के बाद स्वास्थ्य जागरूकता, नशामुक्ति सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में रोकथाम कार्यक्रमों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण हो जाता है।

आंकड़ों ने खींचा ग्रामीण इलाकों की ओर ध्यान
छत्तीसगढ़ की महिलाओं से जुड़े ये आंकड़े एक महत्वपूर्ण अंतर दिखाते हैं। ग्रामीण महिलाओं में तंबाकू और शराब सेवन का प्रतिशत शहरी महिलाओं की तुलना में अधिक बताया गया है।हालांकि, अलग-अलग NFHS राउंड के आंकड़ों को सीधे जोड़कर बढ़ोतरी का निष्कर्ष निकालने से पहले संबंधित सर्वेक्षण की आयु सीमा, समय और परिभाषाओं को देखना जरूरी है। फिर भी उपलब्ध आंकड़े महिलाओं के बीच नशे से जुड़े व्यवहार और ग्रामीण-शहरी अंतर पर गंभीर चर्चा की जरूरत जरूर दिखाते हैं।

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