Raipur Dhanbad Expressway: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच बन रहा रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे आने वाले समय में दोनों राज्यों के बीच यात्रा और कारोबार की तस्वीर बदल सकता है। करीब 707 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के तैयार होने के बाद रायपुर से रांची का सफर करीब 7 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।अभी दोनों शहरों के बीच यात्रा में करीब 13 से 14 घंटे तक लग जाते हैं। इसकी बड़ी वजह मौजूदा दो-लेन सड़कों पर अधिक यातायात और कई जगहों पर घुमावदार रास्ते हैं। नया मार्ग तैयार होने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो सकता है।
रायपुर से धनबाद जाने वाले लोगों के लिए भी यह परियोजना काफी अहम होगी। वर्तमान में इस सफर में करीब 14 से 16 घंटे तक लगते हैं। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यही यात्रा करीब 8 से 9 घंटे में पूरी होने की उम्मीद है।नए रास्ते से केवल समय की बचत ही नहीं होगी, बल्कि लंबे सफर में ईंधन की खपत भी कम हो सकती है। इससे आम यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी फायदा मिलने की संभावना है।
100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगे वाहन
रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारे के तहत तैयार किया जा रहा नया मार्ग आधुनिक और नियंत्रित प्रवेश वाला रास्ता होगा। इस पर वाहन करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।मौजूदा व्यस्त और घुमावदार रास्तों की तुलना में नया मार्ग अधिक सीधा और तेज सफर देने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच सड़क संपर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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रायपुर से धनबाद तक कई बड़े शहर जुड़ेंगे
यह मार्ग केवल रायपुर और धनबाद के बीच की दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि रास्ते में आने वाले कई महत्वपूर्ण शहरों को भी बेहतर सड़क संपर्क देगा।छत्तीसगढ़ में यह मार्ग रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, पत्थलगांव, कुनकुरी और जशपुर जैसे क्षेत्रों से होकर झारखंड की ओर बढ़ेगा। झारखंड में इसके रास्ते में गुमला, रांची, बोकारो और धनबाद जैसे प्रमुख शहर आएंगे।इससे इन क्षेत्रों के बीच लोगों और सामान की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी मजबूत होगा संपर्क
रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारे का असर केवल छत्तीसगढ़ और झारखंड तक सीमित नहीं रहेगा। यह मार्ग आगे चलकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल से संपर्क को भी बेहतर करने में मदद कर सकता है।इससे अलग-अलग राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए तेज सड़क संपर्क मिलने से माल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।
छत्तीसगढ़ में 384 किलोमीटर हिस्से पर काम
करीब 707 किलोमीटर की पूरी परियोजना में से लगभग 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ में आता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के हिस्से में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।परियोजना में मौजूदा सड़क के कुछ हिस्सों को बेहतर किया जा रहा है, जबकि कुछ जगहों पर बिल्कुल नया रास्ता बनाया जा रहा है।
रायपुर से बिलासपुर तक सड़क भी होगी चौड़ी
परियोजना के तहत रायपुर से बिलासपुर के पुराने मार्ग को छह लेन में विकसित किया जा रहा है। वहीं बिलासपुर के आगे करीब 104.25 किलोमीटर का हिस्सा नए मार्ग के रूप में तैयार किया जा रहा है।इस बदलाव से रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को झारखंड के धनबाद से बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है।
व्यापार और आवाजाही को मिल सकती है नई रफ्तार
रायपुर-धनबाद एक्सप्रेसवे को केवल एक सड़क परियोजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों और झारखंड के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों के बीच आवाजाही तेज होने की उम्मीद है।बेहतर सड़क संपर्क का फायदा माल ढुलाई, उद्योग, व्यापार और आम यात्रियों को मिल सकता है। खास तौर पर रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, रांची और धनबाद जैसे क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय कम होना इस परियोजना की बड़ी खासियत बन सकता है।हालांकि, परियोजना के पूरी तरह तैयार होने और यातायात के लिए खुलने के बाद ही वास्तविक यात्रा समय और इसके व्यापक प्रभाव का स्पष्ट आकलन हो सकेगा।






