सुकमा (कृष्णा नायक)। Nishaanebaz.com-Sukma Health Department Negligence News: सुकमा जिले में स्वास्थ्य विभाग की एक बार फिर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। जिला अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद एक गरीब प्रसूता महिला को शासन की महत्वाकांक्षी 102 ‘महतारी एक्सप्रेस’ एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके चलते लाचार महिला को अपने महज एक सप्ताह के नवजात शिशु के साथ मजबूरी में किराए का ऑटो-रिक्शा कर अपने गृह ग्राम नीलावरम (पंचायत क्षेत्र) लौटना पड़ा।
देर शाम तक अस्पताल में रोका, बिना परिवहन व्यवस्था के किया डिस्चार्ज
स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, महिला को दिन भर अस्पताल में रोकने के बाद देर शाम डिस्चार्ज की पर्ची थमा दी गई। उस वक्त अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस व्यवस्था मौजूद न होने का हवाला देकर स्वास्थ्य अमले ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। वनांचल और अंदरूनी क्षेत्र में रात के समय छोटे नवजात बच्चे के साथ ऑटो से सफर करना स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी जोखिमभरा रहा, जिससे परिजनों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
सुकमा: जिला अस्पताल से डिस्चार्ज प्रसूता को नहीं मिली 102 महतारी एक्सप्रेस, एक सप्ताह के मासूम संग ऑटो से लौटने को मजबूर; ZP सदस्यों ने की CMHO-सिविल सर्जन को निलंबित करने की मांग।#Sukma #SukmaNews #HealthDepartmentCG #MahtariExpress #CGNews pic.twitter.com/2OMZh0bRka
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) September 7, 2026
जिला पंचायत सदस्यों ने जताया कड़ा ऐतराज, सरकारी दावों की खोली पोल
इस पूरी घटना पर जिला पंचायत सदस्य गीता कवासी और संजना नेगी ने स्वास्थ्य प्रशासन की संवेदनहीनता पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार वनांचल क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के अस्पताल से ही गरीब एवं बेबस महिलाओं को बुनियादी परिवहन सुविधा तक नहीं मिल पा रही है।
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सिविल सर्जन और सीएमएचओ पर गाज गिराने की मांग, निलंबन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की प्रशासनिक अनदेखी पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने राज्य शासन और उच्च अधिकारियों से इस गंभीर लापरवाही के जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए निलंबन की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो जनांदोलन किया जाएगा।






