MP News: जिला जेल में गूंजी गीता की वाणी और भजनों की धुन, बंदियों को नशामुक्ति व सकारात्मक जीवन का दिया संदेश

Anuj Nirala

MP News: भारतेन्द्र सिंह बैंस\अशोकनगर। जिला जेल अशोकनगर में बंदियों को आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वृंदावन धाम से पधारीं कथा वाचक बाल विदुषी राधिका किशोरी जी ने बंदियों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भावपूर्ण कथा वाचन किया।

कथा के दौरान उन्होंने बंदियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मनुष्य दृढ़ इच्छाशक्ति, अच्छे विचार और सही मार्गदर्शन के माध्यम से अपने जीवन की दिशा बदल सकता है।

गीता के संदेशों से जीवन बदलने की प्रेरणा

बाल विदुषी राधिका किशोरी जी ने अपने प्रवचन में श्रीमद्भगवद्गीता के विभिन्न संदेशों का उल्लेख करते हुए बंदियों को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने भीतर मौजूद नकारात्मक विचारों और बुरी आदतों को पहचानकर उनसे बाहर निकलने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने बंदियों से अपील की कि वे नशे और अन्य बुराइयों से दूरी बनाकर अच्छे संस्कारों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। आध्यात्मिक चिंतन और सकारात्मक सोच के माध्यम से व्यक्ति अपने व्यवहार और जीवनशैली में परिवर्तन ला सकता है।

Read More: Rewa News: कुत्ते के काटने पर सांप के काटने का इंजेक्शन लगाने का आरोप, संजय गांधी अस्पताल में फिर उठे लापरवाही पर सवाल

नशामुक्ति को लेकर दिया विशेष संदेश

कार्यक्रम में नशामुक्ति को विशेष रूप से प्रमुखता दी गई। कथा वाचक ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। इससे बाहर निकलने के लिए सबसे जरूरी है कि व्यक्ति स्वयं दृढ़ संकल्प ले और अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत बनाए।उन्होंने बंदियों को समझाया कि जीवन में आई कठिन परिस्थितियों को बदलाव का अवसर बनाया जा सकता है। अच्छे विचारों, अनुशासन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के जरिए व्यक्ति समाज में सम्मानजनक जीवन की ओर दोबारा आगे बढ़ सकता है।

भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं ने बांधा समां

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से प्रेम, करुणा, सत्य, धर्म और अच्छे आचरण का संदेश दिया गया।कथा के प्रसंगों ने बंदियों का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम के दौरान जेल परिसर का वातावरण आध्यात्मिक एवं भक्तिमय नजर आया।

भजनों से भक्तिमय हुआ जेल परिसर

कार्यक्रम में बाल विदुषी सिया किशोरी जी ने भक्तिमय भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। भजनों की प्रस्तुति के दौरान जिला जेल का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।कथा और भजनों के बीच बंदियों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा दिखाई दी। बंदियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की और धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियों को ध्यानपूर्वक सुना।

Read More: Indore News: इंदौर की सड़क पर बेकाबू सरकारी स्कॉर्पियो! वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा से जोड़ना रहा। इसके माध्यम से उन्हें नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने, सकारात्मक सोच विकसित करने और अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।आयोजकों का उद्देश्य बंदियों के भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी रहा, ताकि वे भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर जीवन की शुरुआत कर सकें।

आध्यात्मिक माहौल में उत्साह से शामिल हुए बंदी

कार्यक्रम के दौरान जिला जेल अशोकनगर का वातावरण शांत, आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा। बंदियों ने कथा वाचन और भजन कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और नशामुक्ति के संदेश ने कार्यक्रम को प्रेरणादायी स्वरूप दिया। इस तरह जिला जेल में आयोजित यह कार्यक्रम बंदियों को आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाली पहल के रूप में सामने आया।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *