Cyber Fraud Mule Account: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- इंदौर में साइबर ठगी के एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें बैंक खाते और मोबाइल सिम का इस्तेमाल कथित तौर पर देशभर में होने वाले साइबर अपराध के लिए किया जा रहा था। इंदौर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपना बैंक खाता म्यूल अकाउंट के तौर पर उपलब्ध कराया था। इसी खाते से जुड़ी सिम भी साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने का आरोप है।
Indore Cyber Fraud Mule Account मामले की जांच उस समय शुरू हुई, जब पुलिस को राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय, गृह मंत्रालय के I4C, NCRP और साइबर क्राइम पोर्टल से संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी मिली। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर अपराध से जुड़े पैसों के लेनदेन में होने की आशंका थी।इसी जानकारी के आधार पर न्यू पलासिया स्थित DCB बैंक की एक शाखा के खाते की जांच की गई। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को इस खाते से जुड़े साइबर अपराध के कई मामले मिले।
एक खाते से कई राज्यों की शिकायतें जुड़ीं
Mule Bank Account Cyber Fraud की जांच में सामने आया कि संबंधित बैंक खाते से देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों का कनेक्शन था। पुलिस के अनुसार पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, बिहार, दिल्ली, गोवा, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से शिकायतें मिली थीं।एक ही खाते से इतने अलग-अलग राज्यों की शिकायतें जुड़ने के बाद पुलिस ने खाते के संचालन और उससे जुड़े व्यक्ति की जानकारी जुटानी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस आरोपी तक पहुंची।
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तिलक नगर से आरोपी गिरफ्तार
Indore Cyber Crime Arrest मामले में पुलिस ने तिलक नगर निवासी लक्की परमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी बीकॉम स्नातक है और फीनिक्स मॉल के गेम जोन में काम करता है।जांच एजेंसी का आरोप है कि लक्की ने अपना बैंक खाता दूसरे लोगों को उपलब्ध कराया था। इस खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेनदेन के लिए किया गया।
सिर्फ बैंक खाता ही नहीं, सिम भी दी
Indore Mule Account Case में पुलिस के सामने एक और अहम जानकारी आई है। आरोपी के बैंक खाते से जुड़ी मोबाइल सिम भी इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराए जाने का आरोप है। इस मोबाइल नंबर पर बैंक की ओर से भेजे जाने वाले OTP आते थे।यानी बैंक खाते और उससे जुड़े मोबाइल नंबर तक पहुंच मिलने से साइबर अपराधियों के लिए पैसों के लेनदेन से जुड़ी प्रक्रिया आसान होने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में आरोपी की भूमिका कितनी बड़ी थी।
बैंक खाता और इलेक्ट्रॉनिक सिम से जुड़ी सामग्री जब्त
Cyber Fraud Investigation Indore के तहत क्राइम ब्रांच ने आरोपी के बैंक खाते और उससे जुड़े मोबाइल कनेक्शन की जांच की है। पुलिस ने बैंक खाता, लिंक मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सिम से संबंधित सामग्री जब्त की है।पुलिस अब इन चीजों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि खाते में किन लोगों से रकम आई और आगे कहां भेजी गई। साथ ही खाते और सिम का इस्तेमाल किस-किस साइबर अपराध में हुआ, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
देशभर के साइबर फ्रॉड नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश
Indore Cyber Fraud Network मामले में पुलिस की जांच अब सिर्फ गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं है। क्राइम ब्रांच आरोपी से पूछताछ कर कथित साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े दूसरे लोगों की जानकारी जुटा रही है।पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी को बैंक खाता और सिम उपलब्ध कराने के बदले क्या मिला और इसके पीछे कौन लोग काम कर रहे थे। अलग-अलग राज्यों से सामने आई शिकायतों को देखते हुए जांच का दायरा भी बढ़ सकता है।
ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने इस कार्रवाई को ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत अंजाम दिया है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध म्यूल खातों की पहचान कर उन पर नजर रखी जा रही है। साइबर ठगी में ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल होने की आशंका रहती है, जिन्हें दूसरे लोगों को उपलब्ध कराया जाता है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि इस बैंक खाते का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में हुआ और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।






