CG Electricity Bill: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क– छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए सितंबर का महीना जेब पर भारी पड़ सकता है। CG बिजली बिल में इस बार अतिरिक्त शुल्क का असर दिखाई देने वाला है। जानकारी के मुताबिक अगस्त के बिल में कुल 13 प्रतिशत FPPAS शुल्क जोड़ा गया है, जिसकी वसूली सितंबर के बिल में होने वाली है।FPPAS यानी Fuel Power Purchase Adjustment Surcharge बिजली खरीद और ईंधन लागत में बदलाव के आधार पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क है। पुराने महीनों में निर्धारित राशि पूरी तरह वसूल नहीं हो पाने के कारण अब बकाया राशि और नए शुल्क को जोड़कर वसूली की जा रही है।
छत्तीसगढ़ में करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सितंबर के बिल में अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ सकता है। अगस्त के बिल में कुल 13 प्रतिशत FPPAS लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।यानी अगर बिजली की खपत पिछले महीने जितनी ही रहती है, तब भी CG बिजली बिल में अतिरिक्त शुल्क के कारण भुगतान की राशि बढ़ सकती है।
जनवरी से जून तक लगा अलग-अलग FPPAS
उपलब्ध जानकारी के अनुसार अलग-अलग महीनों में FPPAS की दर अलग रही है। जनवरी के बिल में 13.64 प्रतिशत, फरवरी में 12.35 प्रतिशत और मार्च में 5.91 प्रतिशत शुल्क लगाया गया था।इसके बाद अप्रैल में 4.24 प्रतिशत, मई में 3.98 प्रतिशत और जून में 9.13 प्रतिशत तक FPPAS वसूला गया।इस तरह हर महीने बिजली खरीद और अन्य लागत के हिसाब से शुल्क में बदलाव होता रहा।
जुलाई में पूरी राशि नहीं हो पाई वसूल
मामला जुलाई में और महत्वपूर्ण हो गया। टैरिफ बढ़ने के कारण उस महीने निर्धारित 18 प्रतिशत FPPAS के मुकाबले केवल 10 प्रतिशत राशि ही वसूली जा सकी।इससे करीब 8 प्रतिशत राशि बाकी रह गई। इसके बाद अगस्त के बिल में नया 5 प्रतिशत शुल्क भी जोड़ दिया गया।इसी पुराने बकाये और नए शुल्क को मिलाकर सितंबर में कुल 13 प्रतिशत FPPAS की वसूली की तैयारी है।
बिजली की खपत वही, फिर भी बढ़ सकता है बिल
CG बिजली बिल को लेकर सबसे अहम बात यह है कि अतिरिक्त भुगतान सिर्फ ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने की वजह से नहीं होगा। यदि किसी उपभोक्ता की बिजली खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं भी हुआ है, तब भी FPPAS शुल्क के कारण बिल की रकम बढ़ सकती है।यानी सितंबर का बिल केवल उस महीने की बिजली खपत का हिसाब नहीं होगा, बल्कि उसमें पिछले महीनों की बची हुई FPPAS राशि और नए शुल्क का असर भी शामिल रहेगा।
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मासिक बजट पर बढ़ सकता है दबाव
बिजली बिल में अतिरिक्त शुल्क जुड़ने से घरेलू बजट पर भी असर पड़ सकता है। खासकर ऐसे परिवार जिनका मासिक बिजली खर्च पहले से ज्यादा है, उनके लिए अतिरिक्त प्रतिशत शुल्क का असर अधिक दिखाई दे सकता है।उपभोक्ताओं को सितंबर का CG बिजली बिल मिलने के बाद उसमें बिजली खपत के साथ FPPAS की जानकारी भी ध्यान से देखनी चाहिए।
क्या है FPPAS शुल्क?
FPPAS का पूरा नाम Fuel Power Purchase Adjustment Surcharge है। बिजली उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन और बिजली खरीद की लागत में बदलाव होने पर इस तरह का समायोजन शुल्क लगाया जाता है।इसका उद्देश्य बिजली खरीद की लागत में आए बदलाव को उपभोक्ताओं के बिल में समायोजित करना होता है। इसी वजह से इसकी दर अलग-अलग अवधि में बदल सकती है।
सितंबर का बिल क्यों हो सकता है ज्यादा?
सरल भाषा में समझें तो पिछले कुछ महीनों में FPPAS की पूरी निर्धारित राशि वसूल नहीं हो पाई। जुलाई में 18 प्रतिशत के मुकाबले केवल 10 प्रतिशत वसूली हुई, जिससे 8 प्रतिशत राशि बाकी रह गई।इसके बाद अगस्त के लिए 5 प्रतिशत नया शुल्क जुड़ा। अब पुराने बकाये और नए शुल्क को मिलाकर सितंबर में कुल 13 प्रतिशत FPPAS का असर उपभोक्ताओं के बिल पर पड़ने वाला है।ऐसे में छत्तीसगढ़ के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सितंबर का बिल सामान्य महीनों की तुलना में अधिक आने की संभावना को ध्यान में रखना होगा।





