Kathmandu Hospital Mortuary Tragedy Scene: अपनों की तलाश में मोर्चरी के बाहर भटक रहे लोग, त्रिशूली में मलबे से निकाले जा रहे शव

VIKASH KHALKHO

काठमांडू (नेपाल)। Nishaanebaz.com-Nepal Flood Disaster 2026: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 1,125 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। कई परिवार पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं और हफ़्ते भर बाद अब अपनों के जीवित बचने की बची-खुची उम्मीदें भी धुंधली पड़ती जा रही हैं।

राजधानी काठमांडू के अस्पतालों और मोर्चरी (शवगृह) के बाहर का नजारा बेहद हृदयविदारक है। मोर्चरी के बाहर लगी गुमशुदा लोगों की तस्वीरें समय के साथ धुंधली पड़ने लगी हैं और परिजनों की भीड़ भी धीरे-धीरे घटने लगी है। लोग अब केवल इतना चाहते हैं कि अपनों का पार्थिव शरीर मिल जाए ताकि वे उनका अंतिम संस्कार और धार्मिक कर्मकांड सम्मानपूर्वक कर सकें।

हमें यकीन हो गया था कि अब नहीं बचेंगे... चश्मदीदों ने नेपाल में अचानक आई  बाढ़ का भयावह मंजर बयां किया

मुख्य बिंदु विवरण / आंकड़े
पुष्ट मौतें 1,125 लोग
लापता लोग 4,000 से अधिक
त्रासदी की तारीख 26 अगस्त 2026
सबसे प्रभावित क्षेत्र काठमांडू, नुवाकोट (त्रिशूली), रसुवा एवं पहाड़ी इलाके
राहत व बचाव अभियान नेपाली सेना द्वारा हेलीकॉप्टर से शवों को त्रिशूली कैंप लाना

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नेपाल बाढ़: विदेश मंत्रालय ने कहा- 63 भारतीय नागरिकों सुरक्षित बचा लिया गया,  सैकड़ों अभी भी लापताऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों में मलबे के नीचे दबे शवों को निकालने का काम जारी है। त्रिशूली स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर कैंप में हेलीकॉप्टरों के जरिए शवों को ‘बॉडी बैग्स’ में भरकर लाया जा रहा है, जहां से एम्बुलेंस के माध्यम से उन्हें आगे भेजा जा रहा है। पूरा का पूरा त्रिशूली शहर अचानक आई इस आपदा में बह गया है और वहां जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

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नेपाल जलप्रलय में अब तक 626 की मौत, मलबे में अपनों को ढूंढती बेबस जिंदगियां  | Nepal Flood Update — NEDRICK NEWSइस आपदा ने भारत के उत्तर प्रदेश (बलिया) निवासी कपड़ा कारोबारी अशोक कुमार चौरसिया जैसे कई समृद्ध लोगों को पल भर में सड़क पर ला दिया है। 20 साल से नेपाल के त्रिशूली और रसुवा क्षेत्र में 6 कपड़ों की दुकानों का सफल कारोबार चलाने वाले अशोक चौरसिया का मकान, दुकान और 4 करोड़ रुपये का सामान बाढ़ में बह गया। उनके बेटे की शादी के लिए बनवाए गए 52 तोले सोने के जेवर भी मलबे में समा गए।

इस तबाही में उन्होंने अपनी भाभी ऊषा देवी और 20 वर्षीय भतीजे राहुल को भी हमेशा के लिए खो दिया है। पीड़ित कारोबारी ने रोते हुए अपना दर्द साझा किया कि जो व्यक्ति कल तक इलाके का बड़ा व्यापारी था, आज इस त्रासदी ने उसे पूरी तरह से बेघर और बेबस बना दिया है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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