CGPSC Scam: ED का बड़ा एक्शन! CGPSC और DMF केस में दो आरोपी गिरफ्तार, 5 सितंबर तक रिमांड

Rahul Goshwami

CGPSC Scam: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ में CGPSC घोटाला और DMF मामले की जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने दोनों मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।CGPSC मामले में उत्कर्ष चंद्राकर और DMF मामले में सतपाल सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार कर रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 5 सितंबर तक कस्टोडियल रिमांड पर ED को सौंप दिया है।अब एजेंसी दोनों से पूछताछ कर कथित पैसों के लेन-देन और मामले से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाएगी।

ED की जांच में DMF घोटाले में सतपाल सिंह छाबड़ा की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, ठेकों के बदले करीब 31 करोड़ रुपये की कमीशन राशि लिए जाने का आरोप है।जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि जिला खनिज न्यास यानी DMF से जुड़े कामों के ठेके किन लोगों को और किस प्रक्रिया के जरिए दिए गए।इसके अलावा बीज निगम से जुड़े ठेकों में भी कथित अनियमितताओं की जांच की जा रही है। ED का कहना है कि जांच के दौरान इस मामले से संबंधित कुछ नए प्रमाण सामने आए हैं। हालांकि आरोपों की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

CGPSC केस में उत्कर्ष चंद्राकर पर गंभीर आरोप
CGPSC घोटाला जांच में उत्कर्ष चंद्राकर की गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। एजेंसी के आरोप के मुताबिक, उत्कर्ष ने अलग-अलग उम्मीदवारों से करीब 3 करोड़ 11 लाख रुपये लिए थे।आरोप है कि उम्मीदवारों को यह भरोसा दिलाया गया था कि यदि उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर नहीं होता है, तो उन्हें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में पोस्टिंग दिलाई जा सकती है।यह मामला वर्ष 2020-21 की PSC परीक्षा में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। ED अब पैसों के लेन-देन के साथ इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
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7 ठिकानों पर पहले ही पहुंच चुकी थी ED की टीम
दोनों गिरफ्तारियों से पहले ED ने छत्तीसगढ़ में 7 ठिकानों पर जांच और छापेमारी की थी। भिलाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के PA रहे केके चंद्रवंशी के घर पर टीम ने दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच की।दुर्ग के सिकोला भाठा में पूर्व पटवारी कमलेश सिंह राजपूत के घर भी कार्रवाई की गई थी।इसके अलावा पूर्व OSD चेतन बोरघारिया से जुड़े दो स्थानों पर जांच हुई। बलरामपुर के सर्किट हाउस में उनसे पूछताछ की गई, जबकि धमतरी स्थित उनके घर पर दस्तावेजों की जांच की गई।जांच के दौरान परिवार के सदस्यों की सरकारी नियुक्तियों से जुड़े पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया।

टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी ED की सक्रियता
CGPSC Scam में ED की कार्रवाई पूर्व CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी की 25 जुलाई को हुई गिरफ्तारी के बाद और तेज हुई है।मामला वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और चयन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ा है।ED ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच CBI की FIR के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया में कथित हेरफेर के बदले रिश्वत का लेन-देन किया गया।इस मामले में CBI ने इससे पहले टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया था।

171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा
CGPSC की वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया 171 पदों के लिए हुई थी। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 13 फरवरी 2022 को आयोजित की गई थी। इसमें कुल 2,565 उम्मीदवार सफल हुए थे।इसके बाद 26 से 29 मई 2022 के बीच मुख्य परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 509 उम्मीदवार पास हुए।इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 मई 2023 को 170 उम्मीदवारों की चयन सूची जारी की गई थी।अब ED की पूछताछ में इस पूरी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है। हालांकि जांच में सामने आने वाले आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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