Tuesday, September 1, 2026
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AI के दौर में Gen Z को मानसिक मजबूती की सीख, बागेश्वर धाम में तीन दिवसीय शिविर शुरू

Bageshwar Dham Meditation Camp: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-  देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन की ओर बढ़ाने के उद्देश्य से बागेश्वर धाम में तीन दिवसीय ‘आत्मशुद्धि ध्यान शक्ति शिविर’ शुरू हो गया है।इस शिविर में देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 750 युवा सदस्य शामिल हुए हैं। तीन दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम में योग, ध्यान, साधना और आत्मचिंतन के जरिए युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा।

बागेश्वर धाम ध्यान शिविर के पहले दिन की शुरुआत सुबह ब्रह्म मुहूर्त में योग साधना के साथ हुई। इसके बाद बागेश्वर सरकार ने शिविर में शामिल युवाओं को संबोधित किया।उन्होंने युवाओं को शिविर के नियमों, उद्देश्य और अगले तीन दिनों में होने वाली गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।शिविर में युवाओं को खुद के बारे में सोचने, मन को शांत रखने और सकारात्मक विचारों को बढ़ाने पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

तीन दिन खुद को समझने का मौका
बागेश्वर धाम में आत्मशुद्धि शिविर को केवल तीन दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि खुद को समझने का अवसर बताया गया है।बागेश्वर सरकार ने युवाओं से कहा कि जीवन को जिस तरह अभी जिया जा रहा है, जरूरी नहीं कि वही जीवन का एकमात्र तरीका हो। खुद के भीतर झांकने और सोचने से जीवन को देखने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं।उन्होंने युवाओं को अनावश्यक मानसिक दबाव कम करने और अपने लिए समय निकालने की बात भी कही।

युवाओं में नेतृत्व क्षमता पर जोर
Gen Z के लिए बागेश्वर धाम शिविर में युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया गया।बागेश्वर सरकार ने कहा कि आने वाले समय में आज की युवा पीढ़ी ही देश और दुनिया की जिम्मेदारी संभालेगी। ऐसे में केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है।युवाओं के भीतर सही फैसला लेने की क्षमता और अपनी सोच को बेहतर दिशा देने की जरूरत भी है।

AI के बढ़ते असर पर भी हुई बात
बागेश्वर धाम युवा ध्यान कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते प्रभाव का भी जिक्र किया गया।बागेश्वर सरकार ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और आने वाले समय में AI इंसान के जीवन और काम करने के तरीके को काफी प्रभावित कर सकता है।उन्होंने युवाओं से AI को सिर्फ रोजगार के लिए खतरे के रूप में न देखने की बात कही। उनके अनुसार तकनीक का इस्तेमाल जीवन को बेहतर बनाने के अवसर के तौर पर भी किया जा सकता है।

तकनीक काम करेगी तो इंसान क्या करेगा?
बागेश्वर धाम का ध्यान शक्ति शिविर में युवाओं के सामने एक अहम सवाल भी रखा गया कि अगर भविष्य में मशीनें इंसान के कई सामान्य और बार-बार होने वाले काम संभाल लेंगी, तो इंसान अपने समय का इस्तेमाल कैसे करेगा?बागेश्वर सरकार के अनुसार ऐसी स्थिति में लोगों के पास रचनात्मक काम, आत्मचिंतन, तनाव कम करने और समाज के लिए कुछ नया करने का अधिक समय हो सकता है।उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इंसान के लिए अपने समय और बुद्धि का सही इस्तेमाल करना और भी महत्वपूर्ण हो जाएगा।

Gen Z को तकनीक और जीवन में संतुलन की सीख
बागेश्वर धाम ध्यान शक्ति शिविर का उद्देश्य युवाओं को तकनीक के साथ बेहतर तालमेल बनाने और मानसिक शांति की ओर बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।तीन दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में योग, ध्यान, साधना और आत्मचिंतन के जरिए युवाओं को अपनी सोच और जीवन को नए तरीके से समझने का अवसर दिया जा रहा है।

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