बिश्केक। Nishaanebaz.com-PM Modi Meets Iran President Masoud Pezeshkian At SCO Bishkek: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की है। फरवरी में ईरान-अमेरिका संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों शीर्ष नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की सीधी मुलाकात थी। इस बैठक में दोनों देशों ने अपने ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्र के मौजूदा सुरक्षा व आर्थिक हालात की विस्तृत समीक्षा की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात के दौरान भारत और ईरान की पुरानी दोस्ती को विभिन्न क्षेत्रों में और विस्तार देने के संकल्प को दोहराया गया है। दोनों देश आने वाले समय में अपने व्यापार के दायरे को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने के इच्छुक हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में किए जा रहे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का निरंतर समर्थन करता रहेगा।
Met President Masoud Pezeshkian in Bishkek. Reiterated our commitment to strengthening India’s long standing friendship with Iran across diverse sectors. We want to expand and diversify our trade basket in the times to come.
We had a discussion on the prevailing situation in… pic.twitter.com/qagQy5o108
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस द्विपक्षीय वार्ता को बेहद सार्थक बताया है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल ही में उत्पन्न हुए घटनाक्रमों, विशेष रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी और सैन्य तनाव से पैदा हुई परिस्थितियों पर गंभीरता से चर्चा की। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिहाज से बेहद अहम है, क्योंकि हॉर्मुज के जलमार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा भारत में ईंधन आपूर्ति और महंगाई दर को सीधे प्रभावित कर सकती है।
बैठक में भारत का मुख्य जोर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और मानवीय पहलुओं पर रहा। वर्तमान में हॉर्मुज क्षेत्र में फंसे 28 कमर्शियल जहाजों पर सवार लगभग 800 भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर तेहरान के साथ कूटनीतिक समन्वय स्थापित किया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों ने लाल सागर में जारी तनाव के बीच 7,200 किलोमीटर लंबे अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) को गति देने पर बल दिया, जो मुंबई को ईरान के रास्ते सेंट पीटर्सबर्ग से जोड़ता है और पारंपरिक समुद्री मार्गों का एक मजबूत वैकल्पिक कनेक्टिविटी विकल्प प्रदान करता है।





