Monday, August 31, 2026
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Harda Murder Case: साढ़े 3 साल बाद पकड़ा गया अनिल माणिक हत्याकांड का मुख्य आरोपी

[nishaanebaz.com] Harda Murder Case: हरदा। जिले के बहुचर्चित अनिल माणिक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। टिमरनी थाना क्षेत्र में हुए इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र पटेल को पुलिस ने करीब साढ़े तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

टिमरनी एसडीओपी आकांक्षा तलैया के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी अपनी ससुराल रातातलाई में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए एसआईटी की करीब 30 सदस्यीय टीम ने दबिश दी और रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

ससुराल में छिपा था मुख्य आरोपी

पुलिस को आरोपी धर्मेंद्र पटेल के रातातलाई स्थित ससुराल में छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद एसआईटी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी। आरोपी पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

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डंपर चालक अनिल माणिक की पीट-पीटकर हत्या का आरोप

मामला दिसंबर 2022 की रात का है। पुलिस के अनुसार, 30 वर्षीय डंपर चालक अनिल माणिक को डंपर की बैटरी चोरी करने के शक में बुलाया गया था। आरोप है कि देवास निवासी धर्मेंद्र पटेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर अनिल के साथ क्रिकेट बैट से मारपीट की।मारपीट में गंभीर रूप से घायल अनिल की मौत हो गई। घटना भुवनखेड़ी और हंडिया क्षेत्र से जुड़ी बताई गई है।

हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश

हत्याकांड के बाद आरोपियों पर घटना को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश करने का भी आरोप है। परिजनों की शिकायत और पुलिस जांच में सामने आया कि अनिल की मौत महज सड़क हादसा नहीं थी।परिजनों का आरोप था कि हत्या के बाद शव को ऑटो के जरिए सड़क पर ले जाकर फेंका गया और उसके पैरों के ऊपर डंपर चढ़ा दिया गया, ताकि पूरी घटना दुर्घटना जैसी नजर आए।पुलिस जांच आगे बढ़ने के बाद मामला हत्या का निकला और आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत साक्ष्य छिपाने की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

अन्य आरोपी पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने राहुल पटेल, संदीप गुर्जर समेत अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं मुख्य आरोपी धर्मेंद्र पटेल घटना के बाद से ही फरार चल रहा था।पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी और उसकी तलाश जारी रखी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपी तक पहुंच गई।

30 हजार रुपये का था इनाम

लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने वाले धर्मेंद्र पटेल पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस उसकी तलाश में कई संभावित स्थानों पर दबिश दे चुकी थी।आखिरकार साढ़े तीन साल बाद ससुराल से गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

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कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजा

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र पटेल को रविवार शाम करीब 7 बजे न्यायालय में पेश किया। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया।पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हत्याकांड से जुड़े अन्य तथ्यों और घटना में उसकी भूमिका के संबंध में जानकारी जुटा रही है। लंबे समय से फरार मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस के लिए इस मामले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।

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