Dhamtari Crime: धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नारी गांव में रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक सड़क हादसे में चार साल के मासूम की मौत हो गई। कोकड़ी मोड़ पर रेत से भरे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया गया और चालक की पिटाई भी की गई। मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
मासूम की मौत के बाद अब उसके पिता ने गांव में कथित अवैध रेत खनन और रेत परिवहन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरपंच समेत गांव के कुछ जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
कोकड़ी मोड़ पर हुआ दर्दनाक हादसा
यह पूरा मामला कुरूद थाना क्षेत्र के नारी गांव का है। घटना 28 अगस्त की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कोकड़ी खदान की ओर से रेत लेकर एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार से आ रहा था। इसी दौरान कोकड़ी मोड़ के पास ट्रैक्टर ने चार वर्षीय फनीस सोनी को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
मासूम की मौत से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा
बच्चे की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। गुस्साए लोगों ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को आग लगा दी। इसके बाद ट्रैक्टर चालक की भी पिटाई की गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हादसे के बाद गांव में रेत परिवहन और सड़क सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे।
पिता ने सरपंच और जिम्मेदार लोगों पर लगाए आरोप
मासूम के पिता ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद जब उनके बेटे का शव सड़क पर पड़ा था, तब गांव के कई जिम्मेदार लोग मौके से दूर हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरपंच पति भी मौके पर मौजूद था, लेकिन बाद में वहां से चला गया।
पिता के मुताबिक, बाद में सरपंच मौके पर पहुंचीं और उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार किया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध रेत खनन का भी लगाया आरोप
मासूम के पिता ने जिस कोकड़ी खदान से रेत लाए जाने की बात कही जा रही है, वहां कथित अवैध रेत उत्खनन का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि बिना वैध अनुमति के लंबे समय से रेत निकालने और परिवहन का काम चल रहा था।
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि कथित रेत कारोबार में गांव के कुछ जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत है। उन्होंने कमीशन के लेन-देन का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से कथित अवैध गतिविधियों के खिलाफ लोग खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं।
हालांकि, अवैध खनन और कमीशनखोरी से जुड़े इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। इन आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तीन साल की मन्नत के बाद हुआ था इकलौते बेटे का जन्म
परिजनों के मुताबिक, फनीस परिवार का इकलौता बेटा था। बताया जा रहा है कि करीब तीन साल की मन्नतों के बाद उसका जन्म हुआ था। ऐसे में इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मासूम की मौत के बाद उसकी मां की तबीयत भी बिगड़ गई है। परिवार और ग्रामीणों में घटना को लेकर गहरा आक्रोश है।
108 एंबुलेंस की व्यवस्था पर भी सवाल
हादसे के बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सूचना दिए जाने के कई घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची।
परिजनों का यह भी आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने वाहन काफी तेज गति से चलाया, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ गई। हालांकि, एंबुलेंस की देरी और चालक की लापरवाही से जुड़े आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे ने खड़े किए कई सवाल
चार साल के मासूम की मौत के बाद अब कई सवाल उठ रहे हैं। क्या रेत से भरे वाहनों की तेज रफ्तार पर निगरानी की जा रही थी? क्या कोकड़ी खदान से रेत उत्खनन और परिवहन के लिए सभी जरूरी अनुमति मौजूद थी? यदि अवैध खनन की शिकायत सही है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है?
Dhamtari Crime: वहीं, ग्रामीणों द्वारा ट्रैक्टर में आग लगाने और चालक की पिटाई किए जाने को लेकर भी पुलिस कार्रवाई का सवाल सामने है। फिलहाल पुलिस हादसे की जांच कर रही है। दूसरी ओर, मासूम के पिता द्वारा लगाए गए कथित अवैध रेत खनन और कमीशनखोरी के आरोपों की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसे के पीछे केवल सड़क दुर्घटना थी या इसके पीछे रेत परिवहन से जुड़े किसी नियम उल्लंघन की भी भूमिका थी।





