नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-BJP Youth Outreach Plan: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देश की सबसे युवा आबादी और जेन-जी (Gen-Z) से अपना जुड़ाव मजबूत करने के लिए भावी कार्ययोजना तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में पार्टी मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय मंथन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में देशभर से आमंत्रित किए गए लगभग 45 चुनिंदा युवा नेताओं, सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने भाग लिया।
‘सभी युवाओं को एक श्रेणी में रखना ठीक नहीं’
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में कई नेताओं ने यह बिंदु उठाया कि देश के युवाओं की प्राथमिकताएं और चुनौतियां अलग-अलग हैं, इसलिए उन्हें एक ही वर्ग में नहीं बांटा जा सकता:
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‘जेन-जी’ शब्द पर आपत्ति: कुछ प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि पश्चिमी शब्द ‘जेन-जी’ की जगह व्यापक ‘युवा’ शब्द या विशिष्ट आयु-वर्ग का इस्तेमाल किया जाना अधिक प्रासंगिक होगा।
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अलग-अलग ग्रुपिंग: मेट्रो शहरों, टियर-2 शहरों और ग्रामीण इलाकों के युवाओं की सोच और समस्याएं भिन्न हैं, इसलिए सभी से अलग-अलग ढंग से संवाद साधने पर जोर दिया गया।
केवल अपनी न कहें, युवाओं की भी सुनें
बैठक में युवाओं के साथ संवाद का तरीका बदलने की वकालत की गई। एक प्रतिभागी ने कहा कि जब भी पार्टी नेता युवाओं के बीच जाएं, तो सिर्फ अपनी बात कहने के बजाय उनकी बात और आकांक्षाओं को ध्यान से सुनें तथा निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाएं।
पुराने कार्यकर्ताओं और सीनियर कैडर के संतुलन की हिदायत
बैठक में नेताओं ने सचेत किया कि युवाओं तक पहुंच बढ़ाने के दौरान पार्टी के पारंपरिक आधार को नजरअंदाज न किया जाए:
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पुराने समर्थकों की उपेक्षा न हो: युवाओं पर फोकस करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि उम्र में बड़े और पार्टी के पुराने समर्थक उपेक्षित या नाराज महसूस न करें।
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कैडर में उत्साह का संचार: पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास और उत्साह को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है, जितना नए युवा मतदाताओं को जोड़ना।
7 से 8 दिनों में देने होंगे अंतिम सुझाव
सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल सभी 45 नेताओं को 5 से 6 समूहों में बांटा गया है। सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई है कि वे अगले 7-8 दिनों के भीतर अपने-अपने सुझाव टीम लीडर को भेजेंगे। प्राप्त सुझावों को संकलित कर पार्टी के आगामी राष्ट्रव्यापी अभियानों और आगामी ‘सेवा पखवाड़े’ के कार्यक्रमों में अमल में लाया जाएगा। नितिन नवीन ने स्पष्ट किया कि युवाओं से संवाद का सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा।





