CG Liquor Scam ED Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए ED की कार्रवाई को चुनौती देने वाली दलीलों को स्वीकार नहीं किया।मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया ED के पास मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED की जांच और कार्रवाई को लेकर याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से ED की कार्रवाई को चुनौती दी गई और जांच से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए गए।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और जांच एजेंसी की ओर से पेश सामग्री पर विचार किया। इसके बाद डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया।
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हाईकोर्ट ने कहा- ED के पास पर्याप्त सबूत
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि ED के पास कार्रवाई के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। अदालत के इस रुख के बाद शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।कोर्ट के फैसले को ED के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एजेंसी की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका के खारिज होने से जांच पर तत्काल कोई रोक नहीं लगी है।
शराब घोटाले की जांच में ED की कार्रवाई जारी
छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला लंबे समय से जांच एजेंसियों के दायरे में है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ED जांच कर रही है। एजेंसी की कार्रवाई और जांच को लेकर समय-समय पर अदालतों में भी मामले पहुंचे हैं।हाईकोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब मामले में ED की जांच आगे जारी रहने की संभावना है। हालांकि, प्रकरण से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे भी न्यायिक प्रक्रिया जारी रह सकती है।





