[nishaanebaz.com] Shahdol Patwari Suspend: शहडोल| मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में पटवारी के खिलाफ गंभीर शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। एक अनाथ युवती ने पटवारी आशीष सोनकर पर जमीन से जुड़े काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगाया था।
शिकायत में युवती ने पटवारी पर WhatsApp के जरिए कथित आपत्तिजनक बातचीत करने और उसे होटल बुलाने का भी आरोप लगाया। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और पटवारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
20 हजार रुपए मांगने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, शहडोल पटवारी सस्पेंड मामले में युवती ने बताया कि जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए पटवारी ने उससे कथित तौर पर 20 हजार रुपए मांगे थे।युवती का दावा है कि उसने इनमें से 15 हजार रुपए नकद दिए थे। इसके बाद भी मामला यहीं नहीं रुका। युवती ने पटवारी पर WhatsApp के जरिए कथित आपत्तिजनक बातचीत करने का आरोप लगाया।उसने यह भी आरोप लगाया कि पटवारी ने काम कराने के नाम पर उसे होटल आने के लिए कहा था।
MP News: शक्कर के बढ़ते दाम पर कैलाश विजयवर्गीय का बयान, बोले- ‘मैं चाहता हूं चीनी और महंगी हो’
शिकायत के साथ दिए गए चैट और स्क्रीनशॉट
युवती ने अपनी शिकायत के साथ कथित WhatsApp चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी प्रशासन को दिए थे। इन आरोपों के सामने आने के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।शहडोल पटवारी सस्पेंड कार्रवाई से पहले प्रशासन ने पटवारी से पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा था। इसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
नोटिस का जवाब नहीं देने पर बढ़ी मुश्किल
जानकारी के अनुसार, प्रशासन की ओर से पटवारी आशीष सोनकर को 24 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर निर्धारित समय में जवाब देने को कहा गया था।बताया गया कि पटवारी ने तय समय के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
तत्काल प्रभाव से किया गया निलंबित
मामले में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग ने पटवारी आशीष सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम-9 के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित किया गया है।
चांपा हलके में थी पोस्टिंग
पटवारी आशीष सोनकर हल्का चांपा में पदस्थ थे। वर्तमान में उनके पास पतखई/बमुरा हलके का प्रभार भी था।फिलहाल सामने आए आरोपों के आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। युवती की ओर से लगाए गए रिश्वत और कथित आपत्तिजनक बातचीत के आरोपों की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।शहडोल पटवारी सस्पेंड होने के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की कार्रवाई से यह भी साफ है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत और कर्मचारियों के आचरण से जुड़ी शिकायतों को लेकर विभाग सख्त रुख अपना रहा है।





