[nishaanebaz.com] Digvijaya Singh Hunger Strike: भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी शिक्षक उम्मीदवारों से मुलाकात कर उनकी मांगों को सुना और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने शिक्षक अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों की लड़ाई में वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों के अधिकारों के लिए कांग्रेस आवाज उठाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।
शिक्षक दिवस तक फैसला लेने का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने सरकार को शिक्षक दिवस तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय सीमा के भीतर मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल करेंगे।उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि उनकी लड़ाई में वे उनके साथ हैं। दिग्विजय सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कहा, “आपकी लड़ाई हम लड़ेंगे।”
पद बढ़ाने की मांग का किया समर्थन
दिग्विजय सिंह ने शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग का समर्थन किया। उनका कहना है कि जिन पदों पर रिक्तियां हैं, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिल सके।उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में अधिक से अधिक पात्र उम्मीदवारों को शामिल करने और लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेने की मांग की।
“80 साल का नौजवान हूं”
अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने अपने अंदाज में कहा, “मैं 80 साल का नौजवान हूं।” उन्होंने कहा कि उम्र भले ही 80 वर्ष हो गई हो, लेकिन युवाओं और अभ्यर्थियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का उनका जज्बा अभी भी कायम है।उनके इस बयान पर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अभ्यर्थियों ने भी प्रतिक्रिया दी और उनके समर्थन का स्वागत किया।
शिक्षक अभ्यर्थियों की क्या हैं मांगें?
प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थी भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने और खाली पदों को भरने की मांग कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए।
- खाली पड़े शिक्षक पदों पर भर्ती की जाए।
- वर्ग-2 में पदों की संख्या बढ़ाई जाए।
- वर्ग-3 में अधिक पद जारी किए जाएं।
- भर्ती प्रक्रिया में सभी पात्र अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाए।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
शिक्षक भर्ती को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को अब सरकार के फैसले का इंतजार है। वहीं दिग्विजय सिंह के 24 घंटे की भूख हड़ताल के ऐलान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से भी गरमाने के आसार हैं।अब देखना होगा कि शिक्षक दिवस तक सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो दिग्विजय सिंह के ऐलान के मुताबिक आगे आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।





