जमील खान/टीकमगढ़ [Nishanebaaz News]। Tikamgarh Drunk Teacher Suspended Collector Action के तहत मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाले एक शिक्षक पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। शराब के नशे में धुत होकर स्कूल आने, मासूम बच्चों से अभद्रता करने और ग्रामीणों व अभिभावकों से गाली-गलौज करने वाले प्राथमिक शिक्षक को कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने शासकीय प्राथमिक शाला ढड़कना में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक देवेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ यह कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खुली पोल, BEO ने की जांच
मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से हुई, जिसमें शिक्षक नशे की हालत में स्कूल परिसर में ग्रामीणों और बच्चों के साथ अमर्यादित आचरण करता नजर आ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अमित जैन के निर्देश पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बल्देवगढ़ ने मौके पर जाकर विस्तृत जांच की। जांच के दौरान स्कूल के बच्चों, ग्रामीणों और अभिभावकों ने बयान दर्ज कराए कि शिक्षक देवेंद्र श्रीवास्तव अक्सर शराब पीकर स्कूल आते हैं और मना करने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं।
टीकमगढ़: नशे में धुत होकर स्कूल आने और गाली-गलौज करने वाले प्राथमिक शिक्षक देवेंद्र श्रीवास्तव को कलेक्टर ने किया निलंबित।#Tikamgarh #MPNews #ActionOnTeacher pic.twitter.com/w21bAgHa9N
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 25, 2026
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन पर सस्पेंशन
BEO की जांच रिपोर्ट में शिक्षक पर लगे सभी आरोप सही पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इसे शासकीय सेवक का अत्यंत अशोभनीय कृत्य और मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों के प्रतिकूल गंभीर कदाचरण माना। कलेक्टर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षक देवेंद्र श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में BEO कार्यालय टीकमगढ़ रहेगा मुख्यालय
जारी निलंबन आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान संबंधित शिक्षक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय टीकमगढ़ निर्धारित किया गया है। निलंबन काल में नियम अनुसार शिक्षक को केवल नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) ही देय होगा। जिला प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शराब पीकर स्कूल आने वाले और पठन-पाठन का माहौल खराब करने वाले कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।






