Monday, August 24, 2026
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Raksha Bandhan 2026: इस बार कब मनाया जाएगा रक्षाबंधन, किस दिन बांधी जाएगी राखी? जानिए सही तारीख

Raksha Bandhan 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- भाई-बहन के प्यार और भरोसे का त्योहार रक्षाबंधन इस साल 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी और उनके अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और हर मुश्किल में साथ देने का वचन देते हैं।रक्षाबंधन 2026 की तारीख को लेकर इस बार लोगों के बीच थोड़ा भ्रम है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त से शुरू होगी और अगले दिन तक रहेगी। पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह भी पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी। इसी वजह से रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

पंचांग के मुताबिक श्रावण पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त 2026 को सुबह 9:08 बजे होगी। वहीं इसका समापन 28 अगस्त 2026 को सुबह 9:48 बजे होगा।रक्षाबंधन 2026 कब है, इसे तय करने में उदया तिथि को खास महत्व दिया जाता है। 28 अगस्त की सुबह पूर्णिमा तिथि रहने के कारण इसी दिन रक्षाबंधन मनाना मान्य माना गया है।

सुबह इस समय तक बांध सकेंगे राखी
राखी बांधने के शुभ समय को लेकर भी बहनों के लिए अच्छी खबर है। पंचांग के अनुसार, 28 अगस्त को सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधी जा सकती है।यानी बहनों के पास भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए करीब 3 घंटे 51 मिनट का समय रहेगा। इस दौरान पूजा करने के बाद शुभ तरीके से राखी बांधी जा सकती है।

इस बार भद्रा को लेकर नहीं होगी परेशानी
रक्षाबंधन के दिन भद्रा को लेकर हर साल लोगों के मन में सवाल रहता है। लेकिन इस बार पंचांग के अनुसार भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी।इसलिए सुबह के शुभ समय में राखी बांधते समय भद्रा की बाधा नहीं रहेगी। बहनें सुबह पूजा की तैयारी करके भाई को राखी बांध सकती हैं।
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राखी बांधने से पहले ऐसे तैयार करें पूजा की थाली
रक्षाबंधन 2026 कब है यह जानने के साथ पूजा की सही तैयारी करना भी जरूरी है। राखी की थाली में राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक और मिठाई रखी जा सकती है।भाई को साफ आसन पर बैठाने के बाद पहले माथे पर तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर आरती करें और मिठाई खिलाएं। बहन भाई की लंबी उम्र और सुखी जीवन की कामना कर सकती है।

भाई को किस दिशा में बैठाना शुभ माना जाता है?
रक्षाबंधन की पूजा विधि के अनुसार भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठाना शुभ माना जाता है। बहन भी पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ रक्षा सूत्र बांध सकती है।राखी बांधने के बाद भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसके सुख और खुशहाल जीवन की कामना कर सकता है।

रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं
रक्षाबंधन 2026 का महत्व केवल एक-दूसरे की कलाई पर धागा बांधने तक सीमित नहीं है। यह पर्व भाई-बहन के बीच प्यार, विश्वास और जिम्मेदारी को मजबूत करने का प्रतीक माना जाता है।इस दिन परिवार के लोग साथ मिलकर पूजा करते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की कामना करते हैं। यही वजह है कि रक्षाबंधन का त्योहार पूरे देश में उत्साह और अपनापन के साथ मनाया जाता है।

नोट: रक्षाबंधन की तिथि, मुहूर्त और पूजा से जुड़ी जानकारी यहां दिए गए पंचांग संबंधी विवरण पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों के पंचांग में मुहूर्त में थोड़ा अंतर हो सकता है।

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