Mohammad Salman Councillor Dismissal: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- दुर्ग जिले के भिलाई से पार्षद पद से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। भिलाई नगर निगम के वार्ड नंबर 35 शारदा पारा से चुने गए पार्षद मोहम्मद सलमान को अब पद पर राहत नहीं मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए बर्खास्तगी के फैसले को बरकरार रखा है।मामला मोहम्मद सलमान पार्षद बर्खास्तगी से जुड़ा है। उन पर आरोप था कि उन्होंने गलत प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ा था। इस मामले में हुई जांच के बाद दुर्ग संभागायुक्त ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी।
साल 2021 में भिलाई नगर निगम के वार्ड नंबर 35 शारदा पारा की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए आरक्षित थी। इसी सीट से मोहम्मद सलमान ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।मोहम्मद सलमान चुनाव मामला सामने आने के बाद उनके जाति और सामाजिक स्थिति से जुड़े प्रमाण पत्र को लेकर शिकायत की गई। शिकायत के बाद मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, दुर्ग के स्तर पर की गई।जांच के दौरान अधिकारियों को प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड में कई गड़बड़ियां मिलीं। जांच में यह बात भी सामने आई कि जिस राजस्व प्रकरण नंबर का हवाला दिया गया था, वह मोहम्मद सलमान से नहीं बल्कि किसी दूसरे व्यक्ति से जुड़ा हुआ था।
जांच में सामने आई बड़ी बात
इस खुलासे के बाद मोहम्मद सलमान प्रमाण पत्र विवाद ने मामला और गंभीर कर दिया। जांच रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग संभागायुक्त ने 6 मई 2024 को उन्हें पार्षद पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया।संभागायुक्त के इस आदेश के खिलाफ मोहम्मद सलमान ने अपील की। हालांकि, 4 सितंबर 2024 को उनकी अपील भी खारिज कर दी गई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत
मोहम्मद सलमान हाईकोर्ट मामला सामने आने के बाद उन्होंने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 3 अगस्त 2026 को उनकी याचिका खारिज कर दी।इसके बाद उन्होंने डिवीजन बेंच के सामने अपील की। डिवीजन बेंच ने भी मामले में उन्हें राहत नहीं दी। अदालत ने माना कि संभागायुक्त को पार्षद की पात्रता और अयोग्यता से जुड़े मामले में कार्रवाई करने का अधिकार है।
read More: CG News: घोंघा नदी में बहे तीनों मासूमों के मिले शव, स्कूल से घर लौटते समय तेज बहाव में समाई 3 मासूम जिंदगियां
अदालत ने क्या कहा?
मोहम्मद सलमान बर्खास्तगी फैसला सुनाते हुए डिवीजन बेंच ने एकलपीठ के फैसले में भी कोई ऐसी गलती नहीं पाई, जिसके आधार पर उसे बदला जा सके। इस तरह पार्षद पद से हटाने की कार्रवाई बरकरार रही।इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विन्द्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने की। अदालत के फैसले के बाद मोहम्मद सलमान को पार्षद पद पर बने रहने की कानूनी राहत नहीं मिली।
अब आगे क्या?
भिलाई पार्षद विवाद में हाईकोर्ट के फैसले के बाद मोहम्मद सलमान की बर्खास्तगी कायम है। पूरा मामला चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्र और उससे जुड़े रिकॉर्ड पर हुई जांच के आधार पर आगे बढ़ा था।वार्ड नंबर 35 शारदा पारा की सीट 2021 के चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षित थी। ऐसे में संबंधित पात्रता को लेकर सामने आई शिकायत और उसके बाद हुई जांच इस पूरे मामले का मुख्य आधार बनी।





