CMHO Fake Signature Transfer Scam Balodabazar: स्वास्थ्य विभाग में फर्जी हस्ताक्षर से ट्रांसफर का खेल: पलारी में बीजेपी नेताओं समेत 4 गिरफ्तार, पार्टी ने पदों से हटाया

VIKASH KHALKHO

देवेश साहू, बलौदाबाजार [Nishanebaaz News]। स्वास्थ्य विभाग में फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार कर अधिकारियों के कूटरचित हस्ताक्षर के जरिए ट्रांसफर कराने के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। पलारी थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए भाजपा महामंत्री कृष्णा अवस्थी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष पुनिराम पटेल और ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन व रवि सेन को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला महामंत्री और जिला उपाध्यक्षों को उनके पदों से हटा दिया है।

यह पूरा मामला रोहांसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से मोपर पीएचसी में स्थानांतरण के कथित फर्जी आदेश से जुड़ा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण चिकित्सा सहायक करण कुमार देवांगन के नाम से एक स्थानांतरण आदेश तैयार किया गया था। इस आदेश पत्र पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेश अवस्थी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।

17 अगस्त को व्हाट्सएप से पहुंचा फर्जी आदेश: फर्जी स्थानांतरण आदेश की एक प्रति 17 अगस्त 2026 को व्हाट्सएप के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय तक पहुंची थी। दस्तावेज सामने आने के बाद जब विभागीय स्तर पर इसकी जांच कराई गई, तो आदेश पूरी तरह कूटरचित पाया गया। इस पर किए गए CMHO के हस्ताक्षर भी उनके अधिकृत हस्ताक्षर से मेल नहीं खा रहे थे, जिसके बाद फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ।

एक लाख के लेनदेन की बात, जांच में जुटी पुलिस: खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. पंकज वर्मा की शिकायत पर पलारी थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) के तहत अपराध कायम किया है। पलारी थाना प्रभारी रितेश तिवारी के मुताबिक जांच के दौरान ट्रांसफर कराने के नाम पर लगभग एक लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पहलू की जांच कर रही है कि यह फर्जी आदेश किसने और किसके कहने पर तैयार किया था तथा पैसों का लेनदेन किन-किन लोगों के बीच हुआ।

फर्जीवाड़े ने खड़े किए कई गंभीर सवाल: सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जिले के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी बढ़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि स्वास्थ्य विभाग के सर्वोच्च अधिकारी के हस्ताक्षरों की नकल कर फर्जी आदेश तैयार करने के पीछे असल मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इसमें कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *