रायपुर [Nishanebaaz News] Black Currency Wash Scam Exposed। रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने देशव्यापी ‘वॉश एंड वॉश’ (Black Currency Scam) अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 मुख्य आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले पेपर, कांच की प्लेट्स और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 330/26 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पूर्व में नागपुर से गिरफ्तार की गई 2 महिला आरोपियों समेत इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
रायपुर: पुणे के रिसॉर्ट में पुलिस का छापा, ‘वॉश-एंड-वॉश’ ब्लैक करंसी ठगी गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार, 4 करोड़ नगद जब्त।#RaipurPolice #CGPolice #CrimeNews pic.twitter.com/04TbTWDjrw
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) August 22, 2026
पुणे के खंडाला रिसॉर्ट में रंगे हाथों दबोचे गए आरोपी
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और साइबर इनपुट के आधार पर आरोपियों की लोकेशन पुणे के खंडाला स्थित एक लग्जरी रिसॉर्ट में ट्रैक की। टीम ने लगभग एक सप्ताह तक कैंप कर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और सही समय पर रिसॉर्ट में दबिश दी।
रेड के दौरान आरोपी वाराणसी के एक पीड़ित व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर रिसॉर्ट में बुलाए हुए थे। पीड़ित करोड़ों रुपये की राशि आरोपियों को सौंप चुका था। पुलिस टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचा और उन्हें पुणे की अदालत से ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लेकर आई।
वर्ष 2005 से सक्रिय, 100 से अधिक लोगों से की अरबों की ठगी
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह वर्ष 2005 से सक्रिय है और देश के विभिन्न राज्यों जैसे छत्तीसगढ़, दिल्ली, नोएडा, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर और मुंबई में 100 से अधिक लोगों से अरबों रुपये की ठगी कर चुका है।
इस गिरोह के मुख्य सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ ‘कैप्टन’ और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ ‘बड़े सर’ हैं। आरोपी प्रवीण कुमार और मनोज कुमार पहले भी मुंबई तथा वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं।
ऐसे देते थे ठगी की वारदात को अंजाम (मॉडस ऑपरेंडी)
आरोपी खुद को बड़े विदेशी निवेशकों और ‘दाऊद ग्रुप (D-Group)’ से जुड़ा बताकर पीड़ितों पर अपना प्रभाव बनाते थे। पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए वे देश के बड़े शहरों (दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता) के 5-स्टार होटलों में बैठकें आयोजित करते थे और अपनी दबंगई दिखाने के लिए साथ में प्राइवेट गनमैन भी रखते थे।
ठगी के लिए आरोपी ‘वॉश-एंड-वॉश’ तकनीक का झूठा प्रदर्शन करते थे। वे काले रंग से ढके कागज पर विशेष केमिकल छिड़ककर पहले से तैयार असली नोट निकालकर दिखाते थे और यह दावा करते थे कि केमिकल के जरिए काले नोटों को असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है। इसके बाद विदेशी केमिकल मंगाने, फाइल प्रोसेसिंग और फंड रिलीज के नाम पर किश्तों में करोड़ों रुपये ऐंठकर फरार हो जाते थे।
गिरफ्तार आरोपी
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ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी (46 वर्ष) – निवासी सेक्टर 51 गुड़गांव (हरियाणा), हाल पता: नालासोपारा, मुंबई।
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प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी (52 वर्ष) – निवासी पांडेपुर लालपुर, वाराणसी (उप्र)।
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मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर (55 वर्ष) – निवासी शिवपुर, जिला वाराणसी (उप्र)।
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विवेक सिंह (48 वर्ष) – निवासी चेतगंज, जिला वाराणसी (उप्र)।
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शुभम पांडेय (37 वर्ष) – निवासी जौनपुर (उप्र), हाल पता: गोरेगांव ईस्ट, मुंबई।
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योगेन्द्र चौहान (48 वर्ष) – निवासी केराकत, जिला जौनपुर (उप्र)।
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बालमुकुंद दीक्षित (40 वर्ष) – निवासी केराकत, जिला जौनपुर (उप्र)।




