Bhilai BSP Iron Theft: दुर्ग-भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में सामने आए लोहा चोरी के मामले में CBI जांच की मांग अब केंद्र सरकार तक पहुंच गई है। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने 20 जुलाई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मामले की CBI से जांच कराने की मांग की थी। अब गृह मंत्री की ओर से विधायक को जवाब मिला है।
जवाब में बताया गया है कि विधायक का पत्र प्राप्त हुआ था। चूंकि मामला इस्पात मंत्रालय से संबंधित है, इसलिए पत्र को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालय को भेज दिया गया है। हालांकि, गृह मंत्री के जवाब में CBI जांच शुरू करने या मामले को जांच एजेंसी को सौंपे जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
अमित शाह के जवाब के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई इस्पात मंत्रालय के स्तर पर होनी है। वहीं, विधायक रिकेश सेन का दावा है कि मामला केंद्र सरकार तक पहुंच चुका है और जल्द ही CBI जांच शुरू होगी। उन्होंने कहा कि जांच में लोहा चोरी से जुड़े कई बड़े सफेदपोश लोगों की भूमिका सामने आ सकती है और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
रिकेश सेन बोले- जल्द बड़े लोग जाएंगे जेल
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से उनके पत्र का जवाब मिला है और इस संबंध में सकारात्मक चर्चा भी हुई है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही लोहा चोरी मामले में CBI की एंट्री होगी। विधायक के मुताबिक, निष्पक्ष जांच होने पर मामले में शामिल कई प्रभावशाली और सफेदपोश लोगों की भूमिका सामने आएगी।
250 टन लौह स्क्रैप मिलने के बाद खुला मामला
मामला 26 मई को सामने आया था। दुर्ग पुलिस ने अकलोरडीह और हथखोज स्थित गोदामों में कार्रवाई करते हुए करीब 250 टन BSP का लौह स्क्रैप बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, स्क्रैप को फ्लू डस्ट की आड़ में प्लांट से बाहर ले जाया जा रहा था। वाहनों में ऊपर फ्लू डस्ट और उसके नीचे लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग मटेरियल रखे जाने की बात सामने आई थी।
जांच के दौरान चोरी के एक अन्य तरीके का भी खुलासा होने का पुलिस ने दावा किया। पुलिस के मुताबिक, कुछ वाहनों के GPS और नंबर प्लेट बदलकर उनका इस्तेमाल किया जाता था। पूछताछ में फ्लू डस्ट के साथ कोक और कोयला बाहर भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई। इसके लिए लोडर और हाईवा वाहनों के इस्तेमाल की बात कही गई।
BSP अधिकारियों तक पहुंची जांच
जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस का कार्रवाई का दायरा BSP के अंदर तक पहुंच गया। जुलाई में प्लांट के दो अधिकारियों GM हिमांशु भूषण मलिक और असिस्टेंट मैनेजर मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, उस समय तक मामले में 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
पुलिस ने जांच के आधार पर दावा किया कि चोरी का यह नेटवर्क पिछले चार से पांच महीने से सक्रिय था। 26 जुलाई तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 16 हो गई। इसके बाद 2 अगस्त को स्क्रैप कारोबारी और भाजपा नेता भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी के बाद यह संख्या बढ़कर 17 हो गई। उनकी गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।
Bhilai BSP Iron Theft: CISF जवानों की भूमिका पर भी उठे सवाल
Bhilai BSP Iron Theft: मामले में जांच का दायरा पुलिस और BSP अधिकारियों तक ही सीमित नहीं रहा। 28 जुलाई को BSP की सुरक्षा में तैनात सात CISF जवानों के निलंबन की जानकारी सामने आई थी। विभागीय जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की बात सामने आने की जानकारी दी गई।
Bhilai BSP Iron Theft: इसी को आधार बनाते हुए वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन लगातार मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्री के कार्यालय और राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मामले की जांच CBI से कराने की मांग की है। राष्ट्रपति को पत्र भेजे जाने के बाद SAIL की कॉरपोरेट विजिलेंस की ओर से भी विधायक को जवाब मिलने की बात सामने आई थी।





