Chhattisgarh Electricity e-KYC: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए e-KYC कराना अब अनिवार्य होगा। प्रदेशभर में यह व्यवस्था 1 सितंबर 2026 से लागू की जाएगी। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए e-KYC की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी।
Chhattisgarh Electricity e-KYC: कंपनी के मुताबिक, e-KYC का उद्देश्य बिजली उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को आधार से सत्यापित कर अधिक व्यवस्थित और प्रमाणिक बनाना है। इसके लिए जरूरी तकनीकी और आईटी संबंधी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
Chhattisgarh Electricity e-KYC: तीन तरीकों से करा सकेंगे e-KYC
Chhattisgarh Electricity e-KYC: उपभोक्ता मुख्य रूप से तीन माध्यमों से e-KYC करा सकेंगे। पहला विकल्प ‘मोर बिजली’ एप है, जिसके जरिए उपभोक्ता स्वयं प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। दूसरे विकल्प में उपभोक्ता संबंधित वितरण केंद्र या जोन कार्यालय पहुंचकर ‘प्रकाश’ एप अथवा प्रकाश e-KYC पोर्टल के जरिए अधिकृत कर्मचारी की मदद से e-KYC करा सकेंगे। तीसरे विकल्प के तहत क्षेत्र का संबंधित मीटर रीडर मोबाइल एप के माध्यम से उपभोक्ता से संपर्क कर e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।
आधार से होगा उपभोक्ता का सत्यापन
e-KYC के तीनों माध्यम आधार ऑथेंटिकेशन सर्विस से जुड़े होंगे। उपभोक्ता का सत्यापन OTP, फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए किया जा सकेगा।
कंपनी ने सभी संभागीय कार्यालयों को e-KYC के दौरान निर्धारित नियमों और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आधार की फोटो कॉपी जमा नहीं होगी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि e-KYC के दौरान उपभोक्ता के आधार कार्ड की फोटो कॉपी दस्तावेज के रूप में जमा नहीं कराई जाएगी। आधार कार्ड का अवलोकन करने और मोबाइल एप में आधार नंबर दर्ज करने के बाद आधार की प्रति उपभोक्ता को वापस करना अनिवार्य होगा। प्रदेशभर में e-KYC की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रखी गई है।
आधार और बिजली कनेक्शन के नाम का मिलान जरूरी
e-KYC सफल होने के लिए आधार कार्ड में दर्ज नाम और बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में दर्ज उपभोक्ता के नाम का मिलान महत्वपूर्ण होगा। 100 प्रतिशत नाम मिलान होने पर e-KYC सफलतापूर्वक पूरी हो जाएगी और इसकी जानकारी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के जरिए दी जाएगी। यदि नाम के अक्षरों का मिलान 85 से 99.99 प्रतिशत के बीच होता है, तो कार्यालय प्रभारी की स्वीकृति के बाद सिस्टम आधार कार्ड में दर्ज नाम को स्वीकार कर सकेगा।
वहीं, नाम का मिलान 85 प्रतिशत से कम होने पर उपभोक्ता को बिजली कनेक्शन के रिकॉर्ड में आवश्यक नाम सुधार या परिवर्तन कराना होगा। कंपनी ने सलाह दी है कि e-KYC से पहले उपभोक्ता अपने नाम में जरूरी सुधार करा लें, ताकि प्रक्रिया में देरी न हो।
नाम सुधार के लिए नहीं लगेगा शुल्क
Chhattisgarh Electricity e-KYC: यदि केवल नाम में हुई त्रुटि को सुधारना है और बिजली कनेक्शन के स्वामित्व में कोई बदलाव नहीं हो रहा है, तो उपभोक्ता से प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होंगे।
Chhattisgarh Electricity e-KYC: वहीं, नाम परिवर्तन के साथ बिजली कनेक्शन के स्वामित्व अधिकार में भी बदलाव किया जा रहा है, तो निर्धारित प्रोसेसिंग शुल्क और आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।





