सीहोर [Nishanebaaz News]। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माने जाने वाले ‘एनालॉग पनीर’ के निर्माण और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद खाद्य कारोबारी सरकारी आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। सीहोर जिले के पचामा गांव स्थित रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री में बुधवार देर रात खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग और संभागीय उड़न दस्ता भोपाल की संयुक्त टीम ने अचानक छापामार कार्रवाई की। इस दौरान फैक्ट्री से करीब 25 क्विंटल अमानक एवं अस्वास्थ्यकर एनालॉग पनीर जब्त कर सील कर दिया गया है।
पैकेजिंग और लेबलिंग में पाई गई भारी धांधली खाद्य आयुक्त को मिली गुप्त शिकायत के आधार पर संभागीय उड़न दस्ता प्रभारी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम जब देर रात फैक्ट्री पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर एनालॉग पनीर तैयार किया जा रहा था। जांच के दौरान पैकेजिंग और लेबलिंग नियमों में भी गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। पैकेटों पर न तो निर्माता कंपनी का नाम सही तरीके से दर्ज था और न ही उत्पाद की आवश्यक सामग्री से जुड़ी सही जानकारी दी गई थी।
एक सप्ताह पूर्व भी हुई थी कार्रवाई, फिर भी जारी था खेल उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर बैन होने के ठीक बाद 12 अगस्त को भी इसी रुद्रांश डेयरी फैक्ट्री पर छापा मारा गया था, जहां से 2 क्विंटल से अधिक एनालॉग पनीर पकड़ा गया था। इसके बावजूद फैक्ट्री संचालक की बेखौफ हिमाकत देखिए कि प्रशासन की कार्रवाई के महज एक सप्ताह के भीतर फिर से बड़े पैमाने पर इस नकली पनीर का निर्माण शुरू कर दिया गया।
खाद्य विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले भर के अमानक खाद्य सामग्री बनाने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त सैंपलों को जांच प्रयोगशाला भेजा जा रहा है और दोषी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।





