Rewa Flood Alert: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के रीवा में लगातार 7 से 8 घंटे हुई बारिश के बाद हालात बिगड़ गए हैं। शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है और बिछिया नदी समेत नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। कई जगह पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रीवा बाढ़ का खतरा बढ़ने के बीच प्रशासन ने रेस्क्यू और राहत का काम तेज कर दिया है।
रीवा में रात से लगातार हो रही बारिश के कारण कई शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। निराला नगर, सुंदर नगर, नेहरू नगर और गुलाब नगर समेत कई क्षेत्रों में पानी जमा हो गया है। वहीं बिछिया नदी के आसपास घोघर, बिछिया, तकिया, निपानिया और पदमधर कॉलोनी में भी हालात गंभीर बताए जा रहे हैं।अचानक बढ़े जलस्तर के कारण नदी और नालों का पानी कई घरों में घुस गया। इससे लोगों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। रीवा बाढ़ का खतरा लगातार बारिश के कारण और बढ़ सकता है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिछिया नदी उफान पर, आवागमन प्रभावित
बारिश के बाद बिछिया नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी के आसपास के इलाकों में पानी पहुंचने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई स्थानों पर सड़क और रास्तों पर पानी भरने के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है।निपानिया जैसे नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों ने प्रशासन से मदद नहीं मिलने की शिकायत की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के बाद उन्होंने मदद के लिए संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन शुरुआती समय में कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। रीवा बाढ़ का खतरा देखते हुए प्रभावित लोगों ने जल्द राहत और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है।
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खैरी बस्ती में फंसे लोगों का SDRF ने किया रेस्क्यू
चोरहटा थाना क्षेत्र की खैरी बस्ती में भी पानी बढ़ने के कारण बड़ी संख्या में लोग फंस गए। जानकारी के मुताबिक करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगों को SDRF की टीम ने नाव की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला।रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित शेल्टर में पहुंचाया गया है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच SDRF की टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रखा गया है। रीवा बाढ़ का खतरा देखते हुए प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
नगर निगम ने बनाया कंट्रोल रूम
नगर निगम आयुक्त अक्षत जैन के मुताबिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी के लिए नगर निगम में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से अलग-अलग इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलने पर नगर निगम प्रशासन और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने का काम कर रही हैं। लोगों से भी जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की जा रही है।
पांच शेल्टर होम तैयार, स्कूल भी स्टैंडबाय पर
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए अब तक पांच अलग-अलग शेल्टर होम तैयार किए हैं। बाढ़ या जलभराव के कारण घर छोड़ने वाले लोगों को इन सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है।बारिश की संभावित स्थिति को देखते हुए कई सरकारी स्कूलों और भवनों को भी स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है। जरूरत बढ़ने पर इनका इस्तेमाल राहत और बचाव कार्य के लिए किया जा सकता है। रीवा बाढ़ का खतरा देखते हुए प्रशासन आने वाले घंटों में हालात पर नजर बनाए हुए है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा, लोगों में डर का माहौल
लगातार बारिश के कारण रीवा के नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिन इलाकों में पहले से जलभराव की समस्या है, वहां स्थिति और खराब होने की आशंका बनी हुई है।प्रशासन की टीमें रेस्क्यू और राहत कार्य में जुटी हैं। लोगों को नदी, नाले और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखना और लगातार बढ़ते पानी के बीच राहत कार्य को जारी रखना है।





