Nishaanebaz News Desk-Raipur Tenant Verification:रायपुर में रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले आसान हो गई है। मकान मालिकों को किराएदारों या घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन कराने के लिए बार-बार थाने जाने की जरूरत नहीं होगी।छत्तीसगढ़ पुलिस ने वेरिफिकेशन प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप के जरिए मकान मालिक घर बैठे ही किराएदार, कुक, ड्राइवर, केयरटेकर और अन्य घरेलू कर्मचारियों की जरूरी जानकारी पुलिस तक पहुंचा सकेंगे।
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन की जरूरत को समझने के लिए पुलिस ने कुछ मामलों का उदाहरण भी सामने रखा है। मोवा निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल ने बिहार निवासी महेंद्र कुमार यादव को अपने घर में कुक की नौकरी पर रखा था।26 जुलाई को कारोबारी अपने परिवार के साथ बाहर गए थे। इसी दौरान आरोपी महेंद्र अपने साथी के साथ घर में रखे करीब 70 लाख रुपये लेकर फरार हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।यह मामला बताता है कि घर में काम करने वाले व्यक्ति की पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी रखना कितना जरूरी हो सकता है।
बावर्ची बनकर अफसर के घर छिपा था हत्या का आरोपी
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन को लेकर दूसरा मामला भी काफी गंभीर है। वर्ष 2022 में रायपुर में बिहार में एक कारोबारी की हत्या के आरोपी को एक आईएएस अधिकारी के घर से गिरफ्तार किया गया था।बताया गया कि आरोपी ने खुद को बेरोजगार बताकर अफसर के घर कुक की नौकरी हासिल कर ली थी। तकनीकी जांच के आधार पर बिहार पुलिस ने रायपुर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद जांच में आरोपी की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस ने आईएएस अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया था।
किराएदार और कर्मचारियों का सत्यापन क्यों जरूरी?
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन को लेकर पुलिस का कहना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण बड़ी संख्या में लोग किराए के मकानों में रह रहे हैं। इसी तरह घरों और संस्थानों में घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, कुक और केयरटेकर जैसे कर्मचारियों की जरूरत भी बढ़ी है।ऐसे में इन लोगों की पहचान और पृष्ठभूमि की जांच सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कई मामलों में वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण अपराध की जांच के दौरान पुलिस को व्यक्ति की पहचान और पुराने रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में परेशानी हो सकती है।
समाधान ऐप से कैसे होगा वेरिफिकेशन?
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन के लिए अब मकान मालिक समाधान ऐप का इस्तेमाल कर सकेंगे। ऐप के माध्यम से संबंधित किराएदार या कर्मचारी की जरूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी।आवेदन के दौरान संबंधित व्यक्ति का नाम, पता और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करेगी।मकान मालिकों को सलाह दी गई है कि आवेदन करते समय जानकारी सही और पूरी भरें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।
अब थाने के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन की डिजिटल सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लोगों को सत्यापन के लिए थाने जाकर आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी।पहले इस प्रक्रिया में लोगों का समय अधिक लगता था। अब मोबाइल के जरिए घर बैठे जानकारी जमा की जा सकेगी। इससे पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने में मदद मिलेगी।
Read more: CG ITI Admission 2026: रायपुर ITI में खाली सीटों पर फिर मौका!18 अगस्त तक करें आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया
पुलिस ने नागरिकों से की अपील
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन को लेकर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर में रहने वाले सभी किराएदारों और काम करने वाले कर्मचारियों का सत्यापन जरूर कराएं।पुलिस के अनुसार सत्यापन से अपराध की रोकथाम में मदद मिल सकती है। साथ ही किसी आपराधिक घटना या आपात स्थिति के दौरान संबंधित व्यक्ति की पहचान और जानकारी जुटाने में पुलिस को आसानी होगी।
दूसरे राज्यों के अपराधियों पर भी रहेगी नजर
पुलिस उपायुक्त दीपमाला कश्यप ने बताया कि समाधान ऐप के जरिए किराएदारों और कर्मचारियों का सत्यापन आसानी से कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा की दृष्टि से यह प्रक्रिया बेहद जरूरी है।पुलिस के मुताबिक दूसरे राज्यों में अपराध करने के बाद रायपुर में आकर छिपने वाले आरोपियों की पहचान करने में भी सत्यापन प्रक्रिया मददगार साबित हो सकती है।
डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम
रायपुर किराएदार वेरिफिकेशन के लिए समाधान ऐप की शुरुआत डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे एक तरफ नागरिकों को घर बैठे सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ पुलिस के पास किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों से जुड़ी जरूरी जानकारी व्यवस्थित तरीके से पहुंच सकेगी।मकान मालिकों और परिवारों के लिए बेहतर सुरक्षा के लिहाज से समय पर पुलिस वेरिफिकेशन कराना जरूरी है।





